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जोन 10 कार्यालय से गायब हुई 69 भूखंडों की नस्ती बोरियाखुर्द आरडीए कॉलोनी के पीछे वार्ड 54 की जमीनों से जुड़ी है, जहां वर्षों पहले हुई अवैध प्लाटिंग पर 1500 से अधिक मकान बन चुके हैं। यह क्षेत्र ओम नगर, साईं नगर और बिलाल नगर में आता है, जहां आज तक सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और निगम की पानी पाइपलाइन नहीं पहुंच सकी। अवैध प्लाटिंग इसकी मुख्य वजह रही। स्थानीय लोगों की मांग पर 2018 में निगम ने सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ। जोन 10 द्वारा सही प्रक्रिया नहीं अपनाने और मार्ग संरचना की नस्ती गायब होने से मामला अटक गया। जबकि 2 अप्रैल 2026 को टीएनसी ने एनओसी दे दी थी, जिसे बाद में निरस्त करना पड़ा। गौरतलब है कि इन्हीं भूखंड में रास्ता बनाने के लिए 2018 में तत्कालीन आयुक्त ने टीएनसी में अनुमोदन के लिए पत्र लिखा था। वहां से कई आपत्तियों को मार्क करके वापस निगम भेज दिया गया। इसके बाद 2025 नवंबर में मार्ग संरचना की फाइल को संशोधित करते हुए जोन 10 से प्रस्ताव को सीधे टीएनसी में भेज दिया गया। टीएनसी ने अपनी शर्तों के साथ एनओसी भी दे दी, लेकिन प्रस्ताव मुख्यालय से नहीं जाने अर्थात सही प्रक्रिया नहीं अपनाने और नस्ती गायब होने के चलते इसे निरस्त कर दिया गया। टैक्स प्रक्रिया भी प्रभावित : मार्ग संरचना की नस्ती गायब होने से न सिर्फ सड़क-नाली निर्माण अटका है, बल्कि इन 1500 से अधिक मकानों को निगम के टैक्स दायरे में लाने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है, क्योंकि इसके लिए आवश्यक रिकॉर्ड और स्वीकृतियां अधूरी हैं। मार्ग बनता तो यहां के कई संपत्तियां निगम के रिकॉर्ड में आती और संपत्तिकर वसूली की जा सकती है। सालों से झेल रहे समस्या
सालों से रास्ता-नाली और स्ट्रीट लाइट की समस्या झेल रहे हैं। अब रास्ता बनाने के लिए टीएनसी के एनओसी के बाद निरस्त कराया गया है। इस काम के लिए हम पैसे भी देते और टैक्स भी देते।
-श्रीकांत तिवारी, निवासी, ओम नगर सड़क बनना जरूरी है…
मार्ग संरचना के लिए फाइल चल रही थी। इसके लिए टीएनसी ने एनओसी भी दे दी थी, लेकिन फिर से इसे निरस्त किया गया है। 2018 से यह प्रक्रिया चल रही है। सड़क बन जाता तो अच्छा होता।
-राजेश पुरी गोस्वामी, निवासी, साईं नगर जिम्मेदारों के अलग-अलग दावे कई इलाकों में अवैध प्लाटिंग
7 हजार से अधिक की आबादी ओम नगर, सांई नगर और बिलाल नगर में कई अवैध प्लाटिंग हुई। इसके चलते वहां सालों से रास्ता, नाली ही नहीं बन पाया है। मार्ग संरचना की प्रक्रिया जारी भी थी, लेकिन अब नस्ती गायब होने से लोगों को मिलने वाले राहत में और देरी होने वाली है। इस पूरे क्षेत्र में 1500 से अधिक मकान बन गए हैं और यहां की आबादी करीब 7000 की है। रास्ता बनाने विकास शुल्क देकर भी मार्ग नहीं बनाया जा सकता क्योंकि जोन कार्यालय से नस्ती गायब है। -सुषमा तिलक साहू, पार्षद, वार्ड 54 बसाहट के हिसाब से करेंगे काम
जो फाइल गायब हुई है, उसकी मूल नस्ती हमारे पास है। अभी नस्ती रिकवरी की प्रक्रिया चल रही है। बसाहट और जरूरत के हिसाब से मार्ग संरचना का काम किया जाएगा।- विश्वदीप, आयुक्त, नगर निगम रायपुर
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