भास्कर न्यूज | कवर्धा शहर के पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय गणित दिवस के तहत तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। गणित विभाग व आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का थीम गणित, कला एवं सृजनात्मकता रखा गया है। आयोजन को छग काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी व राष्ट्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी संचार परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का सहयोग प्राप्त है। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. ऋचा मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में उद्घाटन संबोधन प्रभारी प्राचार्य दीपक देवांगन ने दिया। उन्होंने गणित को केवल विषय नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी आधार बताते हुए महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि रामानुजन की प्रतिभा, उनका अंतर्ज्ञान और आध्यात्मिक सोच आज भी गणित के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है।रामानुजन के जीवन पहलुओं को बताया कार्यक्रम की रूपरेखा डॉ. जय कुमार मेहरा ने प्रस्तुत की और आयोजन के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जॉइंट डायरेक्टर, (रूसा) डॉ. एमएस गुप्ता ने व्याख्यान दिया। उन्होंने रामानुजन के जीवन के विभिन्न पहलुओं को सरल भाषा में समझाते हुए उनकी गणितीय खोजों को रोचक उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया। डॉ. गुप्ता ने अनंत श्रेणियां, अनंत संख्याओं के योग, मॉक थीटा फंक्शन, मैजिक नंबर और प्रसिद्ध टैक्सी नंबर जैसे जटिल विषयों को इस तरह समझाया कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा और उत्साह का संचार हो गया। उन्होंने कहा कि गणित केवल सूत्रों का विषय नहीं, बल्कि सोचने,समस्याओं को हल करने की कला है। निरंतर अभ्यास से कोई भी विद्यार्थी इस क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकता है। एआई की भूमिका पर दी गई विस्तार से जानकारी कार्यक्रम के दूसरे मुख्य वक्ता सहायक प्राध्यापक डॉ. एसआर टंडन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं इंटरनेट ऑफ थिंग्स में गणित की भूमिका विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि आज के आधुनिक तकनीकी युग में गणित की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। AI और IoT जैसे क्षेत्रों में एल्गोरिद्म, सांख्यिकी, डेटा विश्लेषण और लॉजिकल मॉडलिंग की अहम भूमिका होती है। उन्होंने ज्ञानवर्धक जानकारी दी
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