नारायणपुर| जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 100 दिवसीय टीबी जांच अभियान में 5 मई को रेमाउवंड एवं आश्रित ग्राम मालिंगनर में दो हैंड हेल्ड एक्स-रे जांच शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन की सहायता से कुल 126 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें 79 महिलाएं और 43 पुरुष शामिल रहे। इस अभियान का उद्देश्य दूरस्थ एवं उच्च जोखिम वाले ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी रोग की समय पर पहचान कर मरीजों को जल्द उपचार उपलब्ध कराना है। शिविर के दौरान जिला मलेरिया सलाहकार डॉ. परमानंद बघेल ने मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के साथ-साथ मलेरिया उन्मूलन की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दौरान छत्तीसगढ़ लघु वनोपज सहकारी समिति के प्रदेश अध्यक्ष रूप सिंह सलाम ने तेंदूपत्ता संग्रहण स्थल का दौरा कर शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों से टीबी जांच कराने की अपील की। जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. बीएन बनपुरिया एवं जिला प्रोग्राम एसोसिएट संगीता ब्रह्मनोटिया ने बताया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से वनांचल क्षेत्रों में भी टीबी की प्रभावी जांच तय की जा रही है। अभियान के तहत आने वाले दिनों में अन्य चिह्नांकित गांवों में भी विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इस कार्यक्रम के सफल संचालन में सरपंच, सचिव, सीएचओ, आरएचओ एवं मितानिन सक्रिय रहे।
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