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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में फिल्मी स्टाइल में पद्मश्री फूलबासन बाई यादव की किडनैपिंग की गई। महिला समेत 3 लोगों ने फोटो खींचवाने के बहाने फूलबासन के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर गमछा बांधकर कार में बैठा लिया। लेकिन भागते समय पुलिस की रूटीन चेकिंग में पकड़ा गए। पुलिस को देखकर आरोपियों ने बताया कि, मरीज को मिर्गी का दौरा पड़ा है। उन्हें अस्पताल ले जा रहे हैं। लेकिन पुलिस ने फूलबासन बाई को पहचान लिया और शक होने पर मुख्य आरोपी महिला खुशबू साहू समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सुकुलदैहान चौकी इलाके की है। जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, बेमेतरा निवासी खुशबू साहू अपने तीन साथियों (एक महिला और दो पुरुष) के साथ मंगलवार सुबह करीब 10 बजे फूलबासन बाई (56) के घर पहुंची। उन्होंने ‘जरूरी चर्चा’ का बहाना बनाकर फूलबासन बाई को घर से बाहर बुलाया। उनके साथ फोटो खींचवाने और जन्मदिन मनाने की बात कहकर अपनी कार में बैठा लिया। कार के आगे बढ़ते ही आरोपियों ने फूलबासन बाई के हाथ-पैर बांध दिए और उनके मुंह पर गमछा लपेट दिया, जिससे वे शोर न मचा सकें। अपहरणकर्ता खैरागढ़ मार्ग से भागने की कोशिश कर रहे थे। चिखली पुलिस चौकी के पास रूटीन चेकिंग कर रही पुलिस टीम ने शक होने पर उनकी कार को रोका गया। ‘मिर्गी’ पड़ने का बहाना बनाया पुलिस को देखकर आरोपियों ने बताया कि, गाड़ी में बैठी महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है। वे उन्हें अस्पताल ले जा रहे हैं। हालांकि, चेकिंग कर रहे एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया। उनकी हालत देखकर पुलिस का शक गहराया और सभी आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। फूलबासन बाई के संपर्क में थी खुशबू पुलिस जांच में सामने आया है कि, मुख्य आरोपी खुशबू साहू पिछले 4-5 महीनों से फूलबासन बाई के संपर्क में थी। खुशबू साहू खुद सहायता समूहों से भी जुड़ी है। उस पर बेमेतरा इलाके में रोजगार प्रशिक्षण के नाम पर महिलाओं से अवैध वसूली के आरोप भी है। पुलिस का आशंका है कि, यह अपहरण किसी बड़ी आर्थिक उगाही या आपराधिक साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन पर हुए इस हमले के बाद सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी रोष है। आरोपियों से पूछताछ कर रही पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि, क्या इस साजिश के पीछे कोई और बड़ा चेहरा या गिरोह शामिल है। फिलहाल, चिखली और सुकुलदैहान पुलिस की संयुक्त मुस्तैदी की सराहना की जा रही है। कौन हैं फूलबासन बाई फूलबासन बाई यादव का जन्म 5 दिसंबर 1969 को हुआ है। एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और गैर सरकारी संगठन, मां बमलेश्वरी जनहित कार्य समिति की संस्थापक हैं, जो छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़ी महिलाओं के विकास के लिए किए गए प्रयासों के लिए जानी जाती हैं। फूलबासन बाई यादव ने ‘मां बमलेश्वरी जनहित कार्य समिति’ के जरिए लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। इसलिए राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने 2009 में फूलबासन बाई यादव को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था।
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