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अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर स्थित घुनघुट्टा नदी में डूबने से चाचा-भतीजा की मौत हो गई। जबकि डूब रहे एक नाबालिग को लोगों ने किसी तरह बाहर निकाल लिया। उसे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। 10 दिन पहले घुनघुट्टा नदी में इसी जगह पर डूबने से मामा-भांजी की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर के मायापुर निवासी उज्ज्वल भारती (17) पिता कृष्णा प्रसाद भारती, चाचा अमन कुमार (19) उत्तरप्रदेश से दो दिन पहले अंबिकापुर घूमने आया था। मंगलवार की दोपहर दोनों चाचा-भतीजा, उज्ज्वल के एक दोस्त जरहागढ़ निवासी समर्थ सोनी (17) को फोन कर बुलाया। समर्थ अपने 8 वर्षीय भतीजे को साथ लेकर पहुंचा। नहाने के दौरान तीनों डूबे अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे पर स्थित ग्राम मेंड्राकला के घुनघुट्टा नदी में नहाने के दौरान अमन गहरे पानी में डूबने लगा। समर्थ सोनी और उज्ज्वल ने उसे बचाने की कोशिश की तो वे भी डूबने लगे। तीनों को डूबता देख नदी के मेड़ पर खड़े समर्थ सोनी के भतीजे ने शोर मचाया। शोर सुनकर आस-पास के लोग वहां भागकर पहुंचे। इस दौरान उज्ज्वल और अमन डूब गए। लोगों ने समर्थ सोनी को किसी तरह बाहर खींच लिया। उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और लोगों ने नदी में डूबे चाचा-भतीजा की तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने दोनों का शव बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेज दिया है। चाचा-भतीजे की मौत से परिजन सदमे में हैं। 10 दिन में दूसरा हादसा, हुई थी मामा-भांजी की मौत घुनघुट्टा नदी में इसी स्थान पर 25 अप्रैल को शहर के चांदनी चौक के ही रहने वाले विनीत सोनी (37) और उसकी भांजी सिम्मी सोनी (11) की नहाने के दौरान डूबकर मौत हो गई थी। सिम्मी अपनी मां और मामा के साथ छुट्टी में अंबिकापुर आई थी। विनीत सोनी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नहाने के लिए घुनघुट्टा नदी चला गया था, जहां बच्चों और भांजी को बचाते हुए वह भी डूब गया था।
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