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धमतरी शहर से करीब 16 किलोमीटर दूर छाती गांव के खेतों में भीषण आग लग गई। तेज गर्मी और तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और करीब 40 एकड़ क्षेत्र इसकी चपेट में आ गया। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस आग से आसपास के तीन घरों को भी नुकसान पहुंचा। वहीं बाड़ी में लगी तीन एकड़ केले की फसल प्रभावित हुई, जिसमें दो एकड़ फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। पास की बाड़ी में लगे आम के छह पेड़ भी झुलस गए। सूखे पैरा और ठूंठ से भड़की आग छाती और उड़ेना के खार में रखे पैरा, धान के सूखे ठूंठ और गोबर के कंडों की वजह से आग और तेजी से फैल गई। देखते ही देखते आग उड़ेना बस्ती के पास नहर नाली तक पहुंच गई। 30 हजार लीटर पानी से बुझी आग सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि आग पूरी तरह नहीं बुझी थी और धीरे-धीरे सुलगती रही। रात में दोबारा आग भड़क उठी, जिसे ग्रामीणों ने पानी डालकर बुझाया। आग बुझाने में 30 हजार लीटर से ज्यादा पानी का उपयोग किया गया। कारण स्पष्ट नहीं आग लगने की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। आशंका जताई जा रही है कि खेतों में फसल अवशेष जलाने के दौरान आग लगी होगी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। 3 लाख की लागत लगी थी:पीड़ित किसान किसान विक्रम ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 में 3 एकड़ में केले की फसल लगाई थी। फल आने के बाद बाजार में बिक्री शुरू ही की थी कि अचानक आग लग गई। दो एकड़ फसल जल गई, जबकि एक एकड़ को बोर के पानी से बचाया गया। उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ एक लाख रुपए से ज्यादा खर्च हुआ था। कुल मिलाकर 3 लाख से अधिक लागत लगी थी। अब कर्ज की चिंता सता रही है। उन्होंने आग लगाने वाले अज्ञात लोगों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। कृषि विभाग ने कही जांच की बात उप संचालक कृषि मोनेश साहू ने कहा कि उन्हें आग लगने की सूचना नहीं मिली थी। यदि खेतों में आग लगी है तो जांच कराई जाएगी और नुकसान होने पर किसानों को योजना के तहत मुआवजा दिया जाएगा।
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