Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » दुबई से लाया सोना, बहन के पास सुरक्षित रखवाया, पर बेइमानी साबित नहीं हुई, याचिका खारिज
Breaking News

दुबई से लाया सोना, बहन के पास सुरक्षित रखवाया, पर बेइमानी साबित नहीं हुई, याचिका खारिज

By adminMay 27, 2026No Comments2 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
26 05 2026 courtfaisala
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email


बिलासपुर की सत्र अदालत ने सिरगिट्टी के एक पारिवारिक विवाद में अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि केवल किसी को अमानत सौंपना ‘आपराधिक न्यास भंग’ का अपराध नह …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 26 May 2026 02:37:27 PM (IST)Updated Date: Tue, 26 May 2026 02:37:27 PM (IST)

बिलासपुर: दुबई से लाया सोना, बहन के पास सुरक्षित रखवाया, पर बेइमानी साबित नहीं हुई, याचिका खारिज

HighLights

  1. निचली अदालत का फैसला बरकरार।
  2. कोर्ट ने कहा गबन का साक्ष्य आवश्यक।
  3. भाइयों का दावा दुबई-सऊदी से कमाए जेवर।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। दुबई और सऊदी अरब से कमाकर लाए गए सोने-चांदी के जेवरों को बहन के पास सुरक्षित रखवाने से जुड़े पारिवारिक विवाद में एकादश अपर सत्र न्यायाधीश विजेन्द्र सोनवानी ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल किसी को अमानत सौंप देने मात्र से ‘आपराधिक न्यास भंग’ का मामला नहीं बनता, जब तक यह प्रथम दृष्टया साबित न हो कि आरोपी ने संपत्ति का बेईमानीपूर्वक दुरुपयोग किया है।

मामला सिरगिट्टी क्षेत्र के भाई-बहनों के विवाद से जुड़ा है। परिवादियों जोगी अप्पल कोंडा और जोगी वेंकटरमन ने आरोप लगाया था कि उनका भाई वर्ष 1992 से 2008 के बीच दुबई और सऊदी अरब में काम करता था और वहां से सोने-चांदी के आभूषण लाकर मां जोगी सावित्री के पास रखता था। मां ने इन्हें सफेद कपड़े की एक पोटली में अलमारी में सुरक्षित रखा था। बाद में मां ने वही पोटली अपनी बेटी ए. कृष्णा वेणी उर्फ जोगी सुशीला के पास रखवा दी। मां की मृत्यु के बाद भाइयों ने पोटली वापस मांगी, लेकिन बहन ने ऐसी कोई अमानत होने से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला

सत्र न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के चर्चित फैसले ‘एस.डब्ल्यू. पलानीतकर बनाम बिहार राज्य’ का हवाला देते हुए कहा कि धारा 316 बीएनएस के तहत अपराध तभी बनता है, जब संपत्ति सौंपने के साथ उसके बेईमानी से उपयोग या गबन के स्पष्ट संकेत हों। कोर्ट ने कहा कि वर्तमान मामले में ऐसा कोई प्रथम दृष्टया साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इसलिए मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा परिवाद निरस्त करने के आदेश में कोई कानूनी त्रुटि नहीं है।

यह भी पढ़ें- मासूम से दुष्कर्म के बाद जंगल में छुपा था युवक, ड्रोन से पुलिस ने खोज निकाला



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

बिलासपुर में आयुष्मान से इलाज कराना जंग जीतने से कम नहीं, ज्यादातर अस्पताल में करते है परेशान

May 27, 2026

चिटफंड कंपनियों के फरार डायरेक्टरों की अब खैर नहीं; बिलासपुर पुलिस को मिला खास डिजिटल प्रशिक्षण

May 27, 2026

बिलासपुर में कोल डिपो की आड़ में कोयले की हेराफेरी, डिपो संचालक समेत पांच गिरफ्तार

May 27, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13783/159
samvad add RO. Nu. 13783/159
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

072101
Views Today : 43
Views Last 7 days : 1855
Views Last 30 days : 5017
Total views : 94848
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.