चिटफंड कंपनियों के जरिए आम जनता से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बिलासपुर पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। इस सिंड …और पढ़ें

HighLights
- चिटफंड कंपनियों के संचालकों और प्रमोटरों की तलाश पुलिस ने तेज कर दी है।
- भोले-भाले निवेशकों के करोड़ों डकार कर भागे आरोपियों की संपत्ति होगी कुर्क।
- संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया और डिजिटल साक्ष्य जुटाने के लिए विशेष प्रशिक्षण।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। जिले में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ दर्ज मामलों की विवेचना को और प्रभावी बनाने के लिए बिलासपुर पुलिस ने थाना प्रभारियों और सीसीटीएनएस स्टाफ का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया। रविवार को पुलिस लाइन स्थित चेतना सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में चिटफंड कंपनियों के डायरेक्टरों, पंजीयन और फरार आरोपित की जानकारी आनलाइन माध्यम से जुटाने के तरीके बताए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में तथा एएसपी मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण में जिले के सभी थाना प्रभारियों के साथ थानों में पदस्थ सीसीटीएनएस आरक्षक भी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान रजिस्ट्रार आफ कंपनी (आरओसी) के अधिकृत अधिवक्ता हर्षल चौहान और आरओसी कार्यालय की आइटी सेल के अधिकारी प्रणव भट्टाचार्य ने अधिकारियों को मिनिस्ट्री आफ कार्पोरेट अफेयर्स की वेबसाइट के जरिए कंपनियों की जानकारी निकालने की प्रक्रिया समझाई।
अधिकारियों को बताया गया कि कंपनी के सीआइएन नंबर, डायरेक्टरों का विवरण, पंजीयन की स्थिति और अन्य जरूरी जानकारी आनलाइन सर्च कर किस तरह विवेचना में उपयोग की जा सकती है। पुलिस अधिकारियों को यह भी समझाया गया कि चिटफंड कंपनियों के खिलाफ दर्ज अपराधों में फरार आरोपियों की पतासाजी के लिए डिजिटल प्लेटफार्म और कार्पोरेट डाटा किस तरह मददगार साबित हो सकते हैं।
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प्रशिक्षण में आनलाइन सर्चिंग के व्यावहारिक पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया ताकि थाना स्तर पर विवेचना और अधिक मजबूत हो सके। अधिकारियों ने बताया कि जिले में चिटफंड कंपनियों से जुड़े कई मामले लंबित हैं, जिनमें आरोपियों की तलाश और दस्तावेजी जानकारी जुटाना बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में यह प्रशिक्षण पुलिस अधिकारियों के लिए उपयोगी साबित होगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विवेचना अधिकारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर मामलों का त्वरित निराकरण करना और फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतिकरण सुनिश्चित करना है।
आनलाइन सर्च से मिलेगी कंपनियों की पूरी जानकारी
प्रशिक्षण में पुलिस अधिकारियों को मिनिस्ट्री आफ कार्पोरेट अफेयर्स की वेबसाइट पर कंपनी का सीआइएन नंबर डालकर उसके डायरेक्टर, पंजीयन, वर्तमान स्थिति और अन्य कानूनी जानकारी निकालने की प्रक्रिया सिखाई गई। इससे विवेचना में तेजी आने की उम्मीद है।
थाना प्रभारियों के साथ सीसीटीएनएस स्टाफ भी रहा मौजूद
कार्यक्रम में जिले के सभी थाना प्रभारियों के अलावा थानों में पदस्थ सीसीटीएनएस आरक्षक भी शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी स्टाफ के प्रशिक्षित होने से चिटफंड मामलों की जांच और डिजिटल दस्तावेजों के विश्लेषण में सुविधा मिलेगी।
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