भास्कर न्यूज | बालोद शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका परिषद का घेराव कर प्रदर्शन किया। अंत में प्रशासन की ओर से 7 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। इस दौरान पालिका कार्यालय के मुख्य द्वार पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता पालिका कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी करते रहे। तहसीलदार आशुतोष शर्मा ने समझाने का प्रयास किया लेकिन कार्यकर्ता नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी और मुख्य नगर पालिका अधिकारी मोबिन अली से बातचीत की मांग पर अड़े रहे। कुछ देर बाद दोनों बाहर आए, जहां कार्यकर्ताओं ने सदर रोड में पहले की गई लाल मार्किंग तक अतिक्रमण हटाने की मांग रखी। नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि पहले की मार्किंग जिला प्रशासन के निर्देश पर की गई थी, लेकिन बाद में नई प्लानिंग, निर्देश के तहत सड़क के दोनों किनारों पर सवा तीन-तीन मीटर की सीमा तय कर दोबारा मार्किंग की गई है। उन्होंेने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिला महासचिव डी. देशमुख ने कहा कि घड़ी चौक से सदर रोड, रामदेव चौक से मधु चौक और गंजपारा दुर्गा मंदिर तक पुराने राजस्व नक्शा और लाल निशान के अनुसार अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो 7 दिन बाद बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बालोद बंद, नेशनल हाईवे जाम सहित उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। हालांकि अफसरों व जनप्रतिनिधियों का कहना है कि व्यापारियों की सहमति से अवैध कब्जा हटाने की प्लानिंग बनी है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप की वजह से जमीन संबंधित दस्तावेज जमा करने समय मिला। नियमानुसार कार्रवाई हो भेदभाव न किया जाए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश सचिव शशिभूषण चंद्राकर ने कहा कि भेदभाव के बजाय नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो। उन्होंनंे आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों के दबाव में बार-बार नियम बदला जा रहा है। गरीबों पर सख्ती दिखाई गई है तो भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिलाध्यक्ष गंगा निषाद ने आरोप लगाया कि अन्य क्षेत्रों में गरीबों की गुमटियां बिना किसी पूर्व सूचना के ही हटा दी गईं, जबकि शहरी क्षेत्र में सारे नियमों को शिथिल किया जा रहा है।
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