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कोंडागांव के जनपद पंचायत बड़े राजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत छिंदली में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को लाभान्वित किया गया।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 25 हितग्राहियों को उनके नए मकानों की प्रतीकात्मक चाबियां सौंपी गईं। छिंदली पंचायत प्रधानमंत्री आवास योजना में 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने वाली जिले की पहली पंचायत बन गई है, जो क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मकान की चाबी वितरण मुख्य आकर्षण रहा, जिससे योजना के सफल क्रियान्वयन की झलक देखने को मिली। हितग्राहियों के चेहरे पर दिखी खुशी अपने नए घर की चाबी पाकर हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने शासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे जीवन बदलने वाली योजना बताया। यह सफलता जिला पंचायत कोंडागांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई के मार्गदर्शन और निरंतर प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। मौके पर ही हुआ समस्याओं का निराकरण शिविर के दौरान ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों से जुड़े मामलों में अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई कर आमजन को राहत प्रदान की। शिविर में शासन की अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई, जिससे लोगों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन सतर्क अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए कोंडागांव जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 19 अप्रैल को होने वाले आयोजनों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के मार्गदर्शन में और जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला और बाल विकास) रेनू प्रकाश के नेतृत्व में जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बाल विवाह की आशंका को लेकर विशेष निगरानी प्रशासन का मानना है कि अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसरों पर बड़ी संख्या में विवाह आयोजित होते हैं, जिससे बाल विवाह की संभावना बढ़ जाती है। इसे देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने, प्रभावी प्रचार-प्रसार करने और रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सूचना मिलने पर होगी त्वरित कार्रवाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, जनप्रतिनिधि, नगरीय एवं पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक तत्काल प्रशासन को सूचित करें। सूचना मिलते ही प्रशासन द्वारा तुरंत कार्रवाई कर बाल विवाह को रोका जाएगा। बाल विवाह कानूनन अपराध प्रशासन ने यह भी दोहराया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुरीति है, बल्कि कानूनन अपराध भी है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार, 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह प्रतिबंधित है। जागरूकता के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, नगरीय निकायों और धार्मिक स्थलों पर लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में बाल विवाह के दुष्परिणामों और संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, प्रत्येक विकासखंड में गठित टीमें पंचायत स्तर पर निगरानी रख रही हैं, ताकि किसी भी बाल विवाह को समय रहते रोका जा सके। नागरिकों से सहयोग की अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं।
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