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छत्तीसगढ़ में डीएड कैंडिडेट्स का अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आमरण अनशन मंगलवार को 112वें दिन में पहुंच गया। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर अभ्यर्थियों ने संविधान की प्रतियां हाथ में लेकर शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव करने के लिए रैली निकाली। कैंडिडेट्स ने बताया उनका उद्देश्य हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराना और अपने अधिकारों की मांग करना था। हालांकि पुलिस ने धरना स्थल के पास बैरिकेडिंग कर रैली को आगे बढ़ने से रोक दिया। कैंडिडेट्स का कहना है कि उन्हें अपनी बात रखने का मौका भी नहीं दिया गया, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी कई बार रैली, प्रदर्शन और ज्ञापन के जरिए अपनी बात सरकार तक पहुंचा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि जब वे संविधान और न्यायालय के आदेशों के पालन की मांग कर रहे हैं, तब उन्हें रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने राज्य सरकार पर असंवेदनशील और निरंकुश रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया। नियुक्ति तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी डीएड अभ्यर्थियों ने साफ किया है कि जब तक 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन और आमरण अनशन जारी रहेगा।
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