रायपुर में ट्रस्ट एवं समितियों द्वारा संचालित प्रतिष्ठित मंदिरों में सेवा के नाम पर पुजारी और कर्मचारियों को बहुत कम वेतन दिया जा रहा है। …और पढ़ें

HighLights
- वेतन के नाम पर सिर्फ पांच से 10 हजार रुपये मासिक
- पुजारियों का वेतन 18 हजार रुपये निर्धारित करने की मांग
- अधिकतर मंदिरों की मासिक कमाई लाखों रुपये में
मनीष मिश्राl रायपुर रायपुर। शहर में ट्रस्ट, समितियों द्वारा संचालित प्रतिष्ठित मंदिरों में सेवा के नाम पर पुजारी, कर्मचारी को बहुत कम वेतन दिया जा रहा है। अधिकतर मंदिरों की मासिक कमाई लाखों रुपये में है। लेकिन पुजारी को वेतन के नाम पर सिर्फ पांच से 10 हजार रुपये मासिक दिया जा रहा है।
ट्रस्ट और समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि मंदिर में जो भी पुजारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं, वो लोग सेवा कर रहे हैं। उनके रहने, खाने की व्यवस्था मंदिर कमेटी की तरफ से की जाती है। मंदिर में आरती और चढ़ावा का पैसा पुजारी लेते हैं।
जैतूसाव मठ, महामाया मंदिर समेत अन्य मंदिरों की करोड़ों रुपये की संपत्ति है। वर्ष की कमाई भी करोड़ों में हैं, लेकिन पुजारी और कर्मचारियों से सेवा कार्य बोलकर वेतन के नाम पर सिर्फ मामूली मानदेय मिल रहा है।
18 हजार रुपये निर्धारित हो वेतन
भारतीय पुजारी पुरोहित संघ के प्रदेश संयोजक डॉ. सौरव निर्वाणी ने कहा कि दिल्ली की तरह छत्तीसगढ़ में भी पुजारियों का 18 हजार रुपये वेतन निर्धारित होना चाहिए। आज महंगाई के दौर पर पांच से 10 हजार रुपये में घर कैसे चलेगा? सनातन धर्म की रक्षा करने वाले पुरोहितों के हितों की रक्षा के लिए समाज को आगे आना चाहिए।
यदि अभी पुरोहितों को आर्थिक संरक्षण नहीं मिला तो आने वाले समय में शादी-विवाह, पूजा-पाठ करवाने के लिए पुरोहित ढूंढ़ना मुश्किल हो जाएगा।
ड्यूटी नौ घंटे, मानदेय 10 हजार रुपये
शहर के सबसे चर्चित वीआइपी रोड स्थित राम मंदिर में भी पुजारियों को ज्यादा वेतन नहीं मिल रहा है। मुख्य पुजारी हनुमंत लाल ने बताया कि मंदिर में 10 पुजारी हैं, जिन्हें योग्यता के अनुसार 10 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक वेतन दिया जा रहा है।
आरती, बाहरी पूजा करने की छूट
बंजारी धाम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हरीश जोशी ने बताया कि मंदिर के पुजारियों को नौ से 10 हजार रुपये वेतन देते हैं। इसके अलावा आरती और चढ़ावा में जो भी पैसा आता है, वह पुजारी लेते हैं। साथ ही मंदिर में गाड़ी पूजा और बाहरी पूजा पाठ करने की छूट रहती है।
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