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जांजगीर-चांपा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। जांच में किरीत, बिर्रा और कड़ारी के तीन धान उपार्जन केंद्रों में धान और बारदाने की भारी कमी पाई गई। इससे शासन और समितियों को करीब 1 करोड़ 46 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। मामले में 7 कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, सेवा सहकारी समिति तुलसी के अंतर्गत किरीत उपार्जन केंद्र में 926.68 क्विंटल धान और हजारों बारदाने कम मिले। इससे शासन को 31.21 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ। इस मामले में प्रभारी संस्था प्रबंधक ओमकार पटेल, उपार्जन केंद्र प्रभारी निशिकांत पटेल और हमाल मुकद्दम दीपक कुमार कश्यप के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसी प्रकार, बिर्रा उपार्जन केंद्र में रिकॉर्ड के अनुसार 1347.50 क्विंटल धान का स्टॉक होना चाहिए था, लेकिन जांच के दौरान यह पूरी तरह गायब पाया गया। यहां 42.64 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इस संबंध में प्रभारी संस्था प्रबंधक एवं केंद्र प्रभारी नरेंद्र सिंह ठाकुर और कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक देवांगन के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं, कड़ारी उपार्जन केंद्र में 1902.20 क्विंटल धान की कमी पाई गई। इसके अतिरिक्त, बारदाने के स्टॉक में भी भारी अनियमितता मिली। इस केंद्र पर लगभग 59.75 लाख रुपए की आर्थिक क्षति का मामला उजागर हुआ है। केंद्र प्रभारी अनमोल सिंह और कंप्यूटर ऑपरेटर कुश सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सहकारिता विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने संबंधित थानों में मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई रिकॉर्ड में हेराफेरी, फर्जी एंट्री और स्टॉक में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद की गई है।
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