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छत्तीसगढ़ सरकार के ‘सुशासन तिहार 2026’ अभियान के तहत एमसीबी जिले के खड़गवां विकासखंड स्थित मझौली ग्राम पंचायत में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। खास बात यह रही कि शिविर गांव में आम के पेड़ की छांव तले लगाया गया, जहां आसपास के करीब 10 गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे। शिविर में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे। यहां ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, राशन कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, बिजली और राजस्व संबंधी समस्याओं को लेकर आवेदन दिए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य आवेदनों को आगे की प्रक्रिया के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया। ग्रामीण बोले-पहली बार गांव में सुनवाई का मौका मिला ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव स्तर पर शिविर लगने से उन्हें अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला। कई लोगों ने कहा कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के लिए ब्लॉक और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लिया फीडबैक कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर फीडबैक लिया। मंत्री ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना के लाभ की जानकारी ली, वहीं किसानों से धान खरीदी व्यवस्था को लेकर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि किसी भी योजना में परेशानी हो तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। स्टॉलों का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश शिविर के दौरान मंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित और प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। मंच से ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा है कि सरकार खुद गांव-गांव तक पहुंचे और लोगों की समस्याएं सीधे सुनकर उनका समाधान करे। 392 आवेदन पहुंचे, कई का मौके पर समाधान स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि शिविर में कुल 392 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया है, जबकि बाकी आवेदनों को ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को समय पर राहत मिल सके।
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