छत्तीसगढ़ शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद बिलासपुर के निजी स्कूलों द्वारा किताब-कॉपी और यूनिफॉर्म के नाम पर अभिभावकों की जेब काटने का खेल थम नहीं रहा …और पढ़ें

HighLights
- कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी का सेंट जेवियर्स स्कूल में औचक छापा।
- सेंट जेवियर्स स्कूल प्रबंधन की मनमानी पर जिला शिक्षा विभाग ने की बड़ी कार्रवाई।
- जांच में सही मिली शिकायत, कलेक्टर के निर्देश पर डीईओ ने की औचक छापेमारी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: व्यापार विहार स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल द्वारा अभिभावकों पर विशेष दुकान से ही यूनिफार्म खरीदने का दबाव बनाने की शिकायत मिली थी। कलेक्टर के माध्यम से मामला सामने आने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच दल के साथ छापा मारकर स्कूल के ठीक सामने संचालित दुकान को सील कर दिया।
निजी स्कूलों द्वारा किताब और यूनिफार्म खरीदी को लेकर अभिभावकों पर बनाए जा रहे अनुचित दबाव के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की शुरुआत की है। शासन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर व्यापार विहार स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ी दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया है। स्कूल प्रबंधन द्वारा एक निर्धारित दुकान से ही यूनिफार्म खरीदने के लिए मजबूर किए जाने की शिकायत सीधे कलेक्टर तक पहुंची थी।
कलेक्टर के निर्देश पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने स्वंय मोर्चा संभाला और जांच दल के साथ सेंट जेवियर्स स्कूल व्यापार विहार कार्रवाई करने पहुंच गए। जिला शिक्षा अधिकारी की अगुवाई में प्राचार्य चंद्रभान सिंह ठाकुर और एपीसी रोहित भांगे औचक निरीक्षण करने पहुंचे। टीम ने मिली शिकायत की जांच की तो शिकायत पूरी तरह सच पाई गई। स्कूल के ठीक सामने संचालित साई इंटरप्राइजेज दुकान में स्कूल की यूनिफार्म और किताबें बेची जा रही थीं, जिन पर स्कूल का आधिकारिक टैग भी लगा हुआ था। साक्ष्य मिलते ही टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुकान को सील कर दिया।
जांच में पता चला स्कूल के सरंक्षण में है दुकान
अधिकारियों द्वारा दुकान की जांच के दौरान दुकान संचालक को बुलाया गया तो पता चला कि दुकान उन्होंने पहले ही स्कूल की किसी दिव्या मैडम को बेच दिया था। टीम ने जब दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई, तो दुकान संचालक दिया गया बयान सही साबित हुआ। इससे आशंका जताई जा रही है कि अधिक आय अर्जित करने के लिए स्कूल प्रबंधन ने खुद ही यह दुकान खोली हैं, जांच टीम ने इसकी पुष्टि भी की है।
नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी
डीईओ विजय कुमार टांडे ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि निजी स्कूलों में किताब-कापी या यूनिफार्म के लिए अभिभावकों को विवश नहीं किया जा सकता। शासन के आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती हैं, टीम के सदस्य चंद्रभान सिंह ठाकुर और रोहित भांगे विस्तृत जांच में जुटे हैं।
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