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छत्तीसगढ़ में 1 मई से 30 मई तक जनगणना के पहले चरण के तहत मकानों का सूचीकरण और गणना का काम किया जाएगा। इस दौरान निजी कॉलोनियों, हाउसिंग सोसायटियों और अपार्टमेंट्स में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को आसानी से काम करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला जनगणना अधिकारी मनीश मिश्रा ने सभी जनगणना चार्ज अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। जिला जनगणना अधिकारी ने कहा है कि सभी चार्ज अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और हाउसिंग सोसायटियों की बैठक करें। इन बैठकों के जरिए प्रशासन और लोगों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाएगा, ताकि प्रगणकों को जानकारी जुटाने में किसी तरह की परेशानी न हो। सोसायटी के सहयोग नहीं करने पर होगी कार्रवाई मिश्रा ने बताया कि पिछले वर्षों में कम्युनिटी एरिया और हाई-राइज अपार्टमेंट्स में जनगणना के दौरान कई दिक्कतें आई थीं। खासकर सुरक्षा नियमों और आरडब्ल्यूए के साथ तालमेल की कमी के कारण प्रगणकों को अंदर जाने और जानकारी लेने में परेशानी हुई थी। इस बार सोसायटियों को कहा गया है कि वे नोटिस बोर्ड और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पहले ही लोगों को जानकारी दे दें, ताकि सभी लोग सहयोग करें और सही जानकारी दें। इसके अलावा बंद मकानों या सहयोग नहीं करने वाले लोगों के मामलों में सोसायटी के प्रतिनिधियों और सुरक्षा गार्डों से प्रगणकों की मदद करने को कहा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि अगर कोई आरडब्ल्यूए या हाउसिंग सोसायटी सहयोग नहीं करती है, तो जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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