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कोंडागांव विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने कोंडागांव जिले में नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। अगले चुनाव में अभी करीब ढाई साल का समय बाकी है, लेकिन पार्टी नेताओं ने अभी से जमीनी पकड़ मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, तथा केसकाल के पूर्व विधायक व विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष संत राम नेताम इन दिनों गांव-गांव पहुंचकर लोगों से संपर्क साध रहे हैं। पारंपरिक राजनीति से अलग दिख रहा अंदाज इस बार नेताओं का तरीका मंचीय सभाओं और भाषणों से अलग नजर आ रहा है। वे सीधे ग्रामीणों के सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। कहीं नेता बाराती बनकर नाचते नजर आ रहे हैं,कहीं घराती बनकर कन्या विदाई में शामिल हो रहे हैं, ग्रामीणों के साथ बैठकर सहज बातचीत कर रहे हैं,लोगों के सुख-दुख में सहभागी बन रहे हैं। इस दौरान वे स्थानीय लोगों के साथ सहज संवाद स्थापित कर रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में उत्साह देखा जा रहा है। क्या दिख रहा असर? हार के बाद दूरी मिटाने की कोशिश राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस को जनता से दूरी महसूस हुई थी। अब पार्टी उसी दूरी को खत्म करने की कोशिश कर रही है। रणनीति के पीछे सोच चुनावी माहौल अभी से शुरू कोंडागांव में अगले चुनाव को लेकर माहौल अभी से बनने लगा है। कांग्रेस नेता अब केवल भाषण नहीं, बल्कि रिश्ते बनाने की राजनीति पर जोर दे रहे हैं। आगे क्या? अब देखने वाली बात होगी कि यह सामाजिक-राजनीतिक सक्रियता आने वाले चुनाव में कांग्रेस को कितना फायदा पहुंचाती है।
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