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बिलासपुर जिले में जनदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल से शिकायत की। अलग-अलग गांवों से पहुंचे लोगों ने वर्षों पुरानी परेशानियां बताईं। इस दौरान कलेक्टर ने इमलीभांठा निवासी दिव्यांग मेधूराम को तत्काल व्हीलचेयर देकर राहत पहुंचाई। ग्राम भुरकुण्डा के ग्रामीणों ने बताया कि खूंटाघाट से सोन तक 46-47 किलोमीटर सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। बारिश के दिनों में यहां पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है, जबकि चार पहिया वाहन चलना लगभग बंद हो जाता है। ग्रामीणों ने कम से कम 2 किलोमीटर सड़क का निर्माण बारिश से पहले कराने की मांग की। बोरवेल बंद, पानी का संकट… ऊपर से बिजली कटौती ग्राम रांक के इंदल बंजारे ने पेयजल और बिजली की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि पहले बना बोरवेल बंद हो गया है, जिससे पानी का संकट गहरा गया है। वहीं लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ रही है। पुलिया नहीं, गांवों का संपर्क टूटता है भुरकुण्डा और सोडाडीह के बीच छोटे नाले पर पुलिया (रपटा) नहीं होने से बरसात में आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। ग्रामीणों ने जल्द निर्माण की मांग की है। तालाब का पानी मछली पालन में इस्तेमाल, पीने का संकट ग्राम चोरा के लोगों ने शिकायत की कि तालाब के पानी का अत्यधिक उपयोग मछली पालन के लिए किया जा रहा है। इससे हैंडपंप और कुओं का जलस्तर गिर गया है, जिसके कारण पेयजल संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने तालाब के पानी के संतुलित उपयोग की मांग की। बोड़सरा मेले में पानी नहीं, श्रद्धालु परेशान बिल्हा तहसील के ग्राम कुंआ बोड़सरा के ग्रामीणों ने बोड़सरा धाम मेला परिसर में पेयजल व्यवस्था कराने की मांग रखी। उनका कहना है कि हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, लेकिन पानी की कमी से खासकर बच्चे और बुजुर्ग परेशान होते हैं। बार-बार टूट रहे बिजली तार, हादसे का डर शहर निवासी इफत खान ने घर के पास से गुजर रही जर्जर बिजली लाइन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि तार बार-बार टूटते हैं और करंट फैलने का खतरा बना रहता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। कलेक्टर ने दिए त्वरित निराकरण के निर्देश कलेक्टर संजय अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर एसएस दुबे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने जनदर्शन में मिले सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए जल्द समाधान के निर्देश दिए।
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