गांजा तस्कर और हिस्ट्रीशीटर रवि साहू ने अवैध कमाई से अपनी पत्नी शशि साहू, पुत्र और मां के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्तियां खरीद रखी थीं। …और पढ़ें

HighLights
- पत्नी, मां और बेटे के नाम खरीदी गई थी संपत्ति
- चल-अचल संपत्तियों को सीज कर दिया
- सफेमा और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि,रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गांजा तस्कर और हिस्ट्रीशीटर रवि साहू और उसके परिवार की करीब 7.66 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को सीज कर दिया है।
सफेमा और एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई इस कार्रवाई में सक्षम प्राधिकारी, मुंबई ने फ्रीजिंग आदेश को कंफर्म कर दिया है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में एनडीपीएस एक्ट के तहत यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी रवि साहू, गांधीनगर कालीबाड़ी रायपुर का निवासी है। उसे 17 किलो 882 ग्राम गांजा तस्करी मामले में विशेष एनडीपीएस कोर्ट द्वारा पहले ही 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जा चुका है। रवि साहू के खिलाफ प्रदेश के विभिन्न थानों में कुल 55 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में गांजा तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
पत्नी, मां और बेटे के नाम खरीदी गई थी संपत्ति
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रवि ने अवैध कमाई से अपनी पत्नी शशि साहू, पुत्र और मां के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्तियां खरीद रखी थीं। इनमें रायपुर और अभनपुर क्षेत्र में कृषि भूमि, मकान, भवन, प्लाट और कमर्शियल वाहन शामिल हैं। वित्तीय जांच में इन संपत्तियों का मूल्य आरोपी की वैध आय से कहीं अधिक पाया गया।
इसके बाद रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव सफेमा कोर्ट मुंबई को भेजा था। मामले में ऑनलाइन सुनवाई की गई, जिसमें आरोपी पक्ष अपनी संपत्तियों के संबंध में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं कर सका।
16 संपत्तियों पर लगी रोक
पुलिस ने रवि साहू और उसके परिवार से जुड़ी कुल 16 संपत्तियों को सीज किया है। अब इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण या किसी प्रकार का लेन-देन बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के संभव नहीं होगा। डीसीपी सेंट्रल उमेश गुप्ता ने बताया कि रायपुर पुलिस नशे के कारोबार में लिप्त आरोपितों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले तस्करों की वित्तीय जांच कर उनकी संपत्तियों को चिन्हित किया जा रहा है। आने वाले समय में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
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