![]()
राजनांदगांव जिले में किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने और उर्वरकों की जमाखोरी-कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम लगातार निजी कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही है। इसी अभियान के तहत घुमका स्थित एक कृषि केंद्र को सील कर दिया गया, जबकि अर्जुनी के एक अन्य केंद्र की खाद बिक्री पर सात दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। घुमका में अवैध भंडारण मिला, केंद्र सील कृषि विभाग की टीम ने राजनांदगांव विकासखंड के घुमका स्थित देवांगन कृषि केंद्र में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बिना वैध दस्तावेजों के बड़ी मात्रा में खाद का अवैध भंडारण पाया गया। निरीक्षण में 39 बैग डीएपी, 24 बैग 20:20:0:13 उर्वरक और 8 बैग 28:28:0 उर्वरक बरामद हुए। जांच में यह भी सामने आया कि डीएपी खाद को निर्धारित गोदाम के बजाय दूसरे स्थान पर छिपाकर रखा गया था, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 का उल्लंघन है। मौके पर मौजूद किसानों ने अधिकारियों को बताया कि केंद्र संचालक डीएपी खाद 2400 रुपये प्रति बैग और यूरिया 700 रुपये प्रति बैग की दर से बेच रहा था, जो निर्धारित कीमत से अधिक है। अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक निरीक्षक अविनाश दुबे और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मिथलेश साहू की टीम ने विक्रय परिसर को तत्काल सील कर दिया। अर्जुनी केंद्र पर बिक्री प्रतिबंध शिकायत मिलने पर कृषि विभाग की टीम ने अर्जुनी स्थित श्री राम कृषि केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां किसानों को खाद बिक्री के बाद बिल नहीं दिए जा रहे थे और स्टॉक तथा बिक्री रजिस्टर का समुचित संधारण नहीं पाया गया। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर विभाग ने सात दिनों के लिए केंद्र की बिक्री पर रोक लगा दी। साथ ही जप्ती-सुपुर्दगी की कार्रवाई करते हुए संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। किसानों के हित में जारी रहेगा अभियान कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए जिलेभर में खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी और अधिक कीमत पर बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं और संस्थानों पर भविष्य में और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
<
