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अंबिकापुर में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सड़क हादसे में घायल दो युवकों की मदद की। मंत्री ने अपना काफिला रुकवाकर दोनों घायलों को अपनी सरकारी गाड़ी से अस्पताल भिजवाया और बाद में दूसरी गाड़ी मंगाकर खुद घर के लिए रवाना हुईं। घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रविवार को रायपुर से अपने गृहग्राम बीरपुर (सूरजपुर) लौट रही थीं। इसी दौरान अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के पास नेशनल हाईवे-43 पर एक स्कूटी और ऑटो की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और सड़क किनारे पड़े दर्द से कराह रहे थे। मंत्री ने तुरंत रुकवाई गाड़ी घटना देखकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपना वाहन रुकवाया और खुद नीचे उतरकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने बिना देर किए अपने सरकारी वाहन से दोनों युवकों को स्टाफ के साथ मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। साथ ही संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फोन कर घायलों के त्वरित और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। अस्पताल में पहले से मौजूद था मेडिकल स्टाफ मंत्री द्वारा पूर्व सूचना दिए जाने के कारण मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी सहित स्वास्थ्य कर्मी पहले से तैयार मिले। घायलों के अस्पताल पहुंचते ही उनका तत्काल उपचार शुरू कर दिया गया। दूसरी गाड़ी मंगाकर घर रवाना हुईं घायलों को अस्पताल भेजने के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्वयं दूसरी गाड़ी की व्यवस्था की। नई गाड़ी पहुंचने तक वह मौके पर इंतजार करती रहीं और उसके बाद अपने निवास के लिए रवाना हुईं। एक ही वाहन में कर रही हैं सफर बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने काफिले में चलने वाले फॉलो वाहनों को हटवा दिया है और वर्तमान में एक ही वाहन से यात्रा कर रही हैं। यही कारण रहा कि उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए भेज दी और खुद दूसरी व्यवस्था का इंतजार किया। लोगों ने की सराहना हादसे के समय दिखाई गई तत्परता और मानवीय संवेदना को लेकर स्थानीय लोगों ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के इस कदम की सराहना की। समय पर अस्पताल पहुंचने से घायलों को तत्काल इलाज मिल सका।
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