भास्कर न्यूज | कवर्धा महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में क्षत्रिय समाज की एकजुटता देखने को मिली। जहां प्रदेश के 19 अलग- अलग राजपूत संगठनों ने एक मंच पर आकर सामाजिक एकता, संगठन और आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए साथ चलने का संकल्प लिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसे ऐतिहासिक सफलता बताया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में समाज का संगठित होना जरूरी है और अब यह मिथक टूट चुका है कि क्षत्रिय एक नहीं हो सकते। रायपुर के शंकर नगर स्थित स्पीकर हाउस में सर्व क्षत्रिय राजपूत महासंघ के महाराणा प्रताप जयंती समारोह व स्नेह मिलन कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम और वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के तैल चित्र पर पुष्पांजलि व राष्ट्रगान के साथ हुई। मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज का इतिहास पराक्रम, बलिदान और राष्ट्र रक्षा की गौरव गाथाओं से भरा है। महासंघ के अध्यक्ष जेके सिंह ने स्वागत भाषण में कहा कि हमारा उद्देश्य केवल संगठन बनाना नहीं, बल्कि अपने बच्चों और परिवारों के बीच बढ़ रही सामाजिक दूरियों को मिटाना है। आने वाली पीढ़ी को अपनी विरासत और मूल्यों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में समाज को केवल गौरवशाली इतिहास याद करने की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, संघर्ष और त्याग के मूल्यों को व्यवहार में उतारने की जरूरत है। पदाधिकारियों ने ली शपथ संगठन विस्तार का संकल्प कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण झलक वह रही, जब डॉ. रमन सिंह ने महासंघ की नवगठित कार्यकारिणी के 30 पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने हाथ उठाकर समाज को संगठित करने, युवाओं को जोड़ने और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया। समाज के सभी लोगों ने संघर्ष और त्याग को अपने व्यवहार में लाने की बात कही। 19 संगठनों का साझा मंच नई दिशा की हुई शुरुआत कार्यक्रम में संयोजक गजेंद्र सिंह ठाकुर, दिनेश सिंह चौहान, प्रेम सिंह ठाकुर, महेंद्र सिंह ठाकुर, संतोष सिंह चौहान, केदार सिंह ठाकुर, नरेश सिंह ठाकुर, गोविंद सिंह राजपूत, भूपेंद्र सिंह ठाकुर और अजीत सिंह ठाकुर सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। समारोह के अंत में इस बात पर सहमति जताई कि समाज की शक्ति संगठित होकर शिक्षा, नेतृत्व और सामाजिक योगदान में आगे बढ़ने में है।
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