धमतरी/महासमुंद9 मिनट पहले
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महासमुंद-धमतरी में करीब 2 करोड़ का गांजा जब्त किया है।
छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी का एक बेहद शातिर और ‘क्रिएटिव’ तरीका सामने आया है। अंतरराज्यीय तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए खुद को फेरीवाला बना लिया था। बाइक पर कपड़े लादकर ये लोग गली-गली कपड़े बेचने की आड़ में गांजा सप्लाई कर रहे थे।
बाइक पर कपड़ों के नीचे लोहे का सीक्रेट-बॉक्स मिला है। जिसमें गांजा छिपा रखे थे। पुलिस ने शक के आधार पर जांच की, तब इसका पता चला। पुलिस ने महासमुंद और धमतरी में 4 अलग-अलग कार्रवाई में 378 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 1.90 करोड़ रुपए है।
महासमुंद से 10 तस्कर और धमतरी में एक नाबालिग समेत 3 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, गांजा ओडिशा से लाकर दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो नए-नए तरीके अपनाकर गांजा तस्करी कर रहा है।
देखिए तस्वीरें…

गांजा ओडिशा से लाकर दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था।

पुलिस ने शक के आधार पर जांच की, तब गांजा मिला।

ये लोग गली-गली कपड़े बेचने की आड़ में गांजा सप्लाई कर रहे थे।

तस्कर कपड़े बेचने की आड़ में फेरीवाला बनकर सप्लाई कर रहे गांजा।
महासमुंद: ‘कपड़े ले लो कपड़े’ की लगाते आवाज
महासमुंद जिले के बसना पुलिस को सूचना मिली थी कि, ओडिशा की तरफ से कुछ लोग गांजा लेकर महासमुंद की ओर आ रहे हैं। खबर मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई और रास्ते में घेराबंदी कर दी गई। कुछ देर बाद 5 बाइक कतार में आती दिखाई दीं। बाइक सवार लोगों के पास कपड़ों के गट्ठर थे और वे खुद को घूम-घूमकर कपड़े बेचने वाले फेरीवाले बता रहे थे।
पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे फेरी लगाकर कपड़ा बेचने का काम करते हैं। लेकिन पुलिस को उनकी बातों और गतिविधियों पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने उनकी बाइक की तलाशी ली।
जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि बाइक की पिछली सीट पर खास तरीके से लोहे का जाला और गुप्त कम्पार्टमेंट बनाया गया था। ऊपर कपड़े रखे गए थे, ताकि किसी को शक न हो। जैसे ही पुलिस ने कपड़ों को हटाकर अंदर देखा, भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।

बसना थाना की पुलिस ने 23 किलो गांजा के साथ 3 लोगों को गिरफ्तार किया।
ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जा रहे थे गांजा
इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 215 किलो गांजा जब्त किया और 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा ओडिशा के बालिगुड़ा से लाया जा रहा था और इसे मध्यप्रदेश ले जाया जाना था।
इसी तरह एक अन्य मामले में पुलिस ने 23 किलो गांजा के साथ 3 लोगों को गिरफ्तार किया। यहां जब्त गांजे की कीमत करीब 11 लाख 50 हजार रुपए बताई जा रही है। वहीं कोमाखान पुलिस ने टेमरी चेक नाका पर घेराबंदी कर एक बाइक को रोका। बाइक सवार दो लोगों से करीब 9 किलो 60 ग्राम गांजा बरामद किया गया।
महासमुंद पुलिस ने कुल मिलाकर, तस्करी में इस्तेमाल 7 बाइक, 6 मोबाइल और गांजा छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए 5 लोहे के विशेष जाले भी बरामद किए।

कोमाखान थाना पुलिस ने बाइक सवार दो लोगों से करीब 9 किलो 60 ग्राम गांजा बरामद किया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
- मेताप टाटिया (20) निवासी खंडवा, मध्यप्रदेश
- रमेश चौहान (30) निवासी बैतूल, मध्यप्रदेश
- राजू कुमावत टाकिया (25) निवासी बैतूल, मध्यप्रदेश
- दीपक राजपूत (27), ललितपुर, उप्र.-मप्र. बॉर्डर
- प्रकाश बंजारा (23), रायसेन, मध्यप्रदेश
- मोहम्मद रिहान (37) अनुपपुर, मध्यप्रदेश
- मनोज सिंह (36) अनुपपुर, मध्यप्रदेश
- चंद्रशेखर (22) नागपुर, महाराष्ट्र
- जितेंद्र (24) नागपुर, महाराष्ट्र
- विकास (19) नागपुर, महाराष्ट्र
धमतरी में भी 3 गांजा तस्कर गिरफ्तार
वहीं, धमतरी जिले में भी पुलिस ने कपड़े की आड़ में गांजा तस्करी का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 1 क्विंटल से अधिक गांजा जब्त किया गया। एक नाबालिग समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तस्करों को जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर केरेगांव थाना क्षेत्र में पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, कुल 131.005 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है। इस मामले में दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। आरोपी 3 बाइक पर कतार में ओडिशा से गांजा ला रहे थे। वे फेरीवाले कपड़े बेचने वालों का दिखावा कर रहे थे।
तस्करों ने अपनी बाइक की पिछली सीट पर लोहे के एंगल बनवाए हुए थे। इससे लोगों को ऐसा लगे कि वे केवल सड़क पर फेरी लगाकर कपड़े बेचने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह गांजा ओडिशा से लाया जा रहा था, जिससे एक संयुक्त गिरोह के सक्रिय होने का संकेत मिलता है।
पुलिस ने केरेगांव इलाके में चेकिंग के दौरान इन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा से गांजा ले आ रहे थे। गिरफ्तार लोगों में राजेश ओबनी (20), निवासी बैतूल (मध्यप्रदेश), दौलत सिंह (19), निवासी रायसेन (मध्यप्रदेश) और एक नाबालिग शामिल है।

धमतरी में पुलिस ने केरेगांव इलाके में चेकिंग के दौरान नाबालिग सहित तीन तस्करों को पकड़ा है।
4 थानों पर उठे सवाल
यह कार्रवाई धमतरी जिले के केरेगांव थाना क्षेत्र में हुई, जो जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर है। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इन तस्करों ने केरेगांव पहुंचने से पहले बुराई, सिहावा, नगरी और दुगली सहित चार थानों की सीमाएं पार की थीं।
ऐसे में इन थानों की चेकिंग व्यवस्था और सूचना तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बिना पकड़े कैसे केरेगांव तक पहुंच गया।
पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो नए-नए तरीके अपनाकर अलग-अलग राज्यों में गांजा तस्करी कर रहा है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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महासमुंद पुलिस ने 2 दिनों में डेढ़ करोड़ का गांजा जब्त किया है।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में शुक्रवार को पुलिस ने एम्बुलेंस से 77 किलो गांजा जब्त किया है। इसके साथ 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने पायलेटिंग कार और 5 मोबाइल भी जब्त किया है। जब्त माल की कुल कीमत 50.45 लाख आंकी गई है।
वहीं एक दिन पहले ही पुलिस ने पिकअप से 1.14 करोड़ का गांजा बरामद किया था। इस मामले में 2 आरोपी अरेस्ट किए गए थे। इस तरह 2 दिनों में पुलिस ने डेढ़ करोड़ से ज्यादा का गांजा पकड़ा है। पढ़ें पूरी खबर…

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