कोरबा में वन मंत्री का दौरा:हाथी मित्र दलों को 4 बाइक मिलीं, किंग कोबरा संरक्षण की बनेगी कार्ययोजना,हाथियों की संख्या बढ़कर 450 हुई

![]()
वन मंत्री केदार कश्यप के कोरबा प्रवास के दौरान वन विभाग की गतिविधियां तेज रहीं। मंत्री के साथ वन सचिव और प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) भी मौजूद रहे। दौरे में वन प्रबंधन, मानव-हाथी द्वंद्व और वन्यजीव संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं। मंत्री ने पाली विकासखंड के डोंगानाला वन परिक्षेत्र में वन समितियों का निरीक्षण कर उनके कामकाज की समीक्षा की और ग्रामीणों से समस्याओं पर चर्चा की। हाथी मित्र दलों को बाइक और जरूरी उपकरण चोटिया में आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले ‘हाथी मित्र दलों’ को चार मोटरसाइकिलें वितरित कीं। इसके साथ जूते, टॉर्च और अन्य आवश्यक उपकरण भी दिए गए। इन संसाधनों से हाथियों की निगरानी और ग्रामीणों को समय पर अलर्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हाथियों की संख्या 450 के करीब, संघर्ष में कमी का दावा पत्रकारों से बातचीत में केदार कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ में हाथियों की संख्या बढ़ी है। उनके अनुसार 2021-22 में राज्य में करीब 200 से 250 हाथी थे, जो अब लगभग 450 हो गए हैं। इसके बावजूद मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं और प्रभावित जिलों की संख्या में कमी आई है। मंत्री ने इसके पीछे ‘गज संकेत ऐप’ को अहम बताया। उन्होंने कहा कि हाथियों की मौजूदगी की समय पर जानकारी मिलने से ग्रामीणों को अलर्ट किया जा रहा है, जिससे जान-माल के नुकसान और मृत्यु दर को कम करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता मानव क्षति को रोकना है। कोरबा में किंग कोबरा संरक्षण की बनेगी योजना कोरबा में किंग कोबरा के संरक्षण को लेकर मंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र किंग कोबरा के लिए उत्कृष्ट प्राकृतिक आवास है। वन विभाग इसके संरक्षण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य किंग कोबरा के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के साथ उसके संरक्षण को मजबूत करना है। लकड़ी तस्करी पर मंत्री का सख्त रुख लकड़ी तस्करी के सवाल पर वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले में पहले भी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी तस्करी में शामिल पाए जाने वाले किसी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। तस्कर हो या अधिकारी, संलिप्तता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Source link




