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कोंडागांव जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) फेज-4, बैच-01 के तहत 38 करोड़ 37 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सड़कों का भूमिपूजन वन मंत्री केदार कश्यप ने किया। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और विकास को नई गति मिलेगी। योजना के अंतर्गत ग्राम खड़पड़ी में एल-224 कोंडागांव-कोरमेल रोड के आरडी 43 किमी से पटेलपारा खड़पड़ी मार्ग (लंबाई 3.80 किमी, लागत 339.62 लाख रुपए) का भूमिपूजन किया गया। इसी प्रकार ग्राम मटवाल में वेतबेड़ा रोड से ढोलमांदरी तक 5.50 किमी लंबी सड़क (लागत 503.36 लाख रुपए), कुधूर से पटेलपारा मुण्डीपदर तक 3 किमी सड़क (लागत 287.80 लाख रुपए) और खशपारा खचगांव गोदाम से मांझीपारा तक 3.62 किमी सड़क (लागत 335.04 लाख रुपए) का भी भूमिपूजन हुआ। खोड़सानार क्षेत्र में दो सड़कों का भूमिपूजन इसके अलावा ग्राम खोड़सानार में पल्ली-बारसुर रोड से कीलम मार्ग (लंबाई 3.90 किमी, लागत 388.08 लाख रुपए) और खोड़सानार से पदेली मार्ग (लंबाई 3.08 किमी, लागत 225.42 लाख रुपए) का भूमिपूजन किया गया। लखापुरी, नहकानार और छोटेउसरी में सड़क निर्माण की शुरुआत ग्राम लखापुरी से एहरा तक 7 किमी सड़क (लागत 685.89 लाख रुपए), ग्राम नहकानार में बयानार रोड से नहकानार तक 3.30 किमी सड़क (लागत 310.95 लाख रुपए) और ग्राम छोटेउसरी से टिमेनार तक 2.50 किमी सड़क (लागत 235.35 लाख रुपए) का भी भूमिपूजन हुआ। रेंगागोदी-बड़को और टेमरुगांव में नए मार्गों का शुभारंभ रेंगागोदी के आश्रित ग्राम बड़को में बयानार रोड से बड़को मार्ग (लंबाई 2.70 किमी, लागत 223.52 लाख रुपए) और ग्राम टेमरुगांव मंदिर पारा में पुजारी पारा से कटुल पारा तक 2.96 किमी सड़क (लागत 302.22 लाख रुपए) के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। मंत्री बोले- बस्तर में विकास तेज, माओवाद पर नियंत्रण वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य शासन की नीतियों के कारण बस्तर अब माओवाद से मुक्त हुआ है और यहां तेजी से विकास कार्य शुरू हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। राज्यपाल की समीक्षा बैठक, जल संरक्षण पर जोर राज्यपाल रमेन डेका ने मंगलवार को कोंडागांव जिले के जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला और विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण के लिए जल संचयन और अधिक पौधरोपण पर विशेष जोर दिया। साथ ही ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने के प्रयासों पर भी बल दिया। राज्यपाल ने अधिकारियों को आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान मानवीय संवेदना के साथ करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि माओवाद समाप्त होने के बाद हालात बदल चुके हैं। अब सभी अधिकारी शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। बुनियादी सुविधाओं के विकास में जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन करने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने गांवों में वर्षा से पहले और बाद जल स्तर का आकलन अनिवार्य करने को कहा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों में रेन हार्वेस्टिंग संरचना जोड़ने के निर्देश दिए। एनसीसी से जोड़ने पर जोर विद्यार्थियों को एनसीसी से जोड़ने के लिए प्रेरित करने को कहा, ताकि अनुशासन, देशभक्ति बढ़े। विशेष पिछड़ी जनजाति समूह को प्रधानमंत्री जन मन योजना के जरिए योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ देने के निर्देश दिए। स्व सहायता समूह उत्पादों की मार्केटिंग पर फोकस ग्रामीण, शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के कौशल विकास, आजीविका बढ़ाने पर जोर दिया। स्व सहायता समूहों के उत्पादों में मूल्य संवर्धन, बेहतर मार्केटिंग चेन विकसित करने के निर्देश दिए। जैविक खेती उत्पादों के लिए सप्लाई चेन तैयार करने पर भी जोर दिया। योग को दिनचर्या में शामिल करने, महिलाओं के स्वास्थ्य पर ध्यान राज्यपाल ने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने, विद्यार्थियों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। बालिकाओं, महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
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