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मरवाही वन मंडल के दानीकुंडी क्षेत्र में सड़क किनारे स्थित सागौन के घने जंगल में आग लग गई है। इस घटना से न केवल छोटे पौधे नष्ट हो रहे हैं, बल्कि वन्यजीवों का जीवन भी खतरे में पड़ गया है। यह क्षेत्र पारिस्थितिक तंत्र के लिहाज से अधिक संवेदनशील माना जाता है। इस प्लांटेशन के भीतर बड़ी संख्या में चीतल और भालू जैसे वन्यजीव निवास करते हैं। आग की तपिश और धुएं के कारण ये वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से विस्थापित हो गए हैं। अपनी जान बचाने के लिए वे आबादी वाले क्षेत्रों और मुख्य सड़कों की ओर जाने को मजबूर हैं। जंगल से बाहर आने के बाद इन जीवों को कई खतरों का सामना करना पड़ रहा है। असुरक्षित रास्तों पर वे वाहनों की चपेट में आने के जोखिम के साथ-साथ अन्य बाहरी खतरों से भी जूझ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में इसी क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमले से तीन चीतलों की मौत हो चुकी है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। वन विभाग आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है।
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