छत्तीसगढ़ कांग्रेस में इन दिनों आपसी कलह की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। पहले जहां प्रवक्ताओं को मीडिया में बाइट देने को लेकर निर्देश दिए गए, वहीं अब कई प्रवक्ताओं को पार्टी के ‘सोशल मीडिया परिचर्चा’ ग्रुप से हटाए जाने का मामला सामने आया है।
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दैनिक भास्कर के पास आए स्क्रीनशॉट के मुताबिक संजीव शुक्ला, विनयशील, देवेंद्र यादव समेत करीब 5 लोगों को ग्रुप से बाहर किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के अंदर सबकुछ ठीक नहीं होने और कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के बीच खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कांग्रेस का सोशल मीडिया ग्रुप
एक्टिव नहीं थे, इसलिए हटाया:सुशील आनंद शुक्ला

कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला
मामले पर प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पार्टी में किसी तरह का विवाद या मनमुटाव नहीं है। जिस ग्रुप की बात की जा रही है, उसमें कई कार्यकर्ता भी जुड़े हुए थे और जो लंबे समय से एक्टिव नहीं थे, उन्हें हटाया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवक्ताओं को मीडिया में बाइट देने से मना नहीं किया गया है, बल्कि केवल यह निर्देश दिया गया है कि वे अपनी बाइट की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष और संचार विभाग को पहले से दें।
पहले भी सामने आ चुका है विवाद
इससे पहले रायपुर में कांग्रेस संगठन के भीतर वार्ड अध्यक्षों की सूची को लेकर विवाद सामने आ चुका है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सभी जिलाध्यक्षों को 15 अप्रैल तक नई कार्यकारिणी गठित करने के निर्देश दिए थे।
इसी बीच रायपुर शहर कांग्रेस ने 66 वार्ड अध्यक्षों की सूची जारी कर दी, जिसे कुछ ही घंटों बाद पीसीसी ने निरस्त कर दिया।
पीसीसी ने साफ किया कि सूची जारी करने से पहले अनुमोदन नहीं लिया गया था, इसलिए इसे अवैधानिक माना गया।
बढ़ रही सियासी सरगर्मी
लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि कांग्रेस संगठन के भीतर अंदरूनी समन्वय में कहीं न कहीं कमी है। हालांकि पार्टी नेतृत्व इन आरोपों को खारिज कर रहा है।
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