बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का विस्तार करते हुए मशीनों की संख्या 7 से बढ़ाकर 11 कर दी गई है। …और पढ़ें

HighLights
- 11 मशीनों से हो रहा इलाज, रोजाना 20 मरीजों को मिल रहा नया जीवन
- मरीजों की लंबी लाइन को खत्म करने के लिए सुबह से लेकर रात दे रहे सेवाएं।
- मरीजों के लिए प्लाज्मा बदलने (प्लाज्माफेरेसिस) की आधुनिक सुविधा शुरू हुई है।
नईदुनिया। बिलासपुर प्रतिनिधि। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) में किडनी के गंभीर मरीजों के लिए राहत की बड़ी खबर है। अस्पताल प्रबंधन ने अपनी डायलिसिस यूनिट का विस्तार करते हुए तीन नई अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की हैं। इसके साथ ही अब सिम्स में डायलिसिस मशीनों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इस नई सुविधा से अब मरीजों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
सिम्स की डायलिसिस यूनिट में अब रोजाना तीन शिफ्टों में काम हो रहा है, जिससे प्रतिदिन लगभग 18 से 20 मरीजों का सफलतापूर्वक डायलिसिस किया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को यह पूरी सुविधा पूरी तरह निश्शुल्क् दी जा रही है।
डायलिसिस के अलावा मरीजों के हीमोग्लोबिन को नियंत्रित करने के लिए जरूरी इरिथ्रो प्रोटीन और आयरन फ्री के इंजेक्शन भी अस्पताल में ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सिम्स में अब केवल सामान्य डायलिसिस ही नहीं, बल्कि बेहद गंभीर मरीजों के लिए प्लाज्माफेरेसिस जैसी विशेष चिकित्सा सुविधा भी संचालित की जा रही है। इस आधुनिक तकनीक के कारण अब मरीजों को महंगे इलाज के लिए बड़े महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ रहा है।
सिम्स: आंकड़ों की नजर में
- रोजाना ओपीडी (OPD) मरीज 1800 से 2200
- रोजाना नए भर्ती मरीज 150 से 180
- पहले उपलब्ध डायलिसिस मशीन 07
- अब कुल क्रियाशील मशीन 11
- सालभर में सफल डायलिसिस 8,230
जरुरतमंद मरीजों को मिल रहा बेहतर चिकित्सकीय इलाज
सिम्स डीन डा़ रमणेश मूर्ति का कहना है कि सिम्स लगातार आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में जुटा है। मशीनों की संख्या बढ़ने से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं अब स्थानीय स्तर पर ही समय पर मिल सकेंगी। एमएस डा़ लखन सिंह का कहना है कि अस्पताल में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा था, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार बेहद जरूरी था। नई मशीनों से अब मरीजों को अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल रही हैं। डायलिसिस यूनिट के प्रभारी डा़ आशुतोष कोरी का कहना है कि हमारी पूरी टीम मरीजों को सुरक्षित उपचार देने के लिए समर्पित है। यूनिट को लगातार आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ गंभीर मरीजों को मिल रहा है।
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