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सरगुजा DEO दिनेश कुमार झा ने अंबिकापुर के कार्मेल कान्वेंट स्कूल, ओरिएंटल पब्लिक स्कूल और न्यू डीपीएस स्कूल सरगवां को नोटिस जारी कर मनमानी फीस बढ़ोत्तरी, निजी प्रकाशकों की किताबें चलाने की मोनोपली सहित नियमों के उलंघन पर जवाब मांगा है। इन संस्थाओं में हजारों की संख्या में बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल संचालकों को दो दिनों में नोटिस का जवाब देने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा भारी जुर्माने की चेतावनी दी गई है। अंबिकापुर में बड़े निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायतों के बाद स्कूलों की DEO द्वारा जांच कराई जा रही है। जांच टीम द्वारा स्कूलों की जांच के बाद मिली शिकायतों के आधार पर DEO दिनेश कुमार झा ने बड़े निजी स्कूल कार्मेल कान्वेंट, ओपीएस व न्यू डीपीएस स्कूल को नोटिस जारी कर दो दिनों में जवाब मांगा है। कार्मेल में मनमानी, ज्यादा होमवर्क का ओव्हरलोड
कार्मेल कान्वेंट स्कूल की जांच में कई अनियमितताएं मिली हैं। DEO ने नोटिस में लिखा है कि पहली से आठवीं तक की कक्षाओं में एनसीआरटी के बजाय निजी स्कूलों की मंहगी किताबें चलाई जा रही हैं। ये किताबें एवं कापियां सिर्फ एक दुकान एमपी डिपार्टमेंटल स्टोर से बंडल के रूप में बेची जा रही हैं। सिंगल किताबें नहीं दी जा रही हैं। हर साल किताबें बदल दी जाती हैं। स्कूल में अत्यधिक होमवर्क बच्चों को दिए जाने की शिकायतें भी अभिभावकों ने की है। मार्च एवं जून में कुछ दिन ही कक्षाएं लगाकर पूरे माह का फीस वसूला जा रहा है। फीस भी मनमाने तरीके से बढ़ाने की शिकायत मिली है। DEO ने दो दिनों में स्कूल से जवाब मांगते हुए कहा है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो छात्रों से ली गई फीस की 50 प्रतिशत राशि बतौर जुर्माना अधिरोपित की जाएगी। OPS में निजी प्रकाशक की किताबें
ओपीएस स्कूल को डीईओ ने पहली से आठवीं तक निजी प्रकाशकों की मंहगी किताबें ही चलाए जाने पर नोटिस दिया है। नोटिस में बताया गया है कि सिर्फ राणा ब्रदर्स व एमपी डिपार्टमेंटल स्कूल में ही किताबें उपलब्ध हैं जो सेट के रूप में देकर अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं। स्कूल द्वारा गत वर्ष की तुलना में वार्षिक शुल्क में 13 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जबकि वृद्धि 9.4 प्रतिशत ही किया जाना है। डीईओ ने दो दिनों में ओपीएस स्कूल को जवाब देने कहा है। न्यू डीपीएस में पहली के बच्चे का बस्ता 6 किलो
न्यूू डीपीएस स्कूल को डीईओ ने नोटिस जारी कर पहली से आठवीं तक निजी प्रकाशकों की ही किताबें चलाने पर जवाब मांगा है। ये किताबें सिर्फ एमपी डिपार्टमेंटल स्टोर्स में सेट के रूप में उपलब्ध है। एनसीआरटी की किताबें नहीं चलाई जा रही हैं। यहां पहली के बच्चों के बस्ते का वजन 6 किलो पाया गया जो बहुत ज्यादा है। अत्यधिक पाठ्यक्रम चलाने के लिए भी स्कूल से जवाब मांगा गया है। पहले भी स्कूलों को नोटिस
इसके पहले अनियमितता मिलने पर डीईओ ने मोंट फोर्ट पब्लिक स्कूल एवं बिरला ओपन माइंड स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। डीईओ कार्यालय द्वारा बताया गया है कि नोटिस का जवाब मिल गया है। इसकी समीक्षा की जा रही है। स्कूलों ने मनमाना बनाया फीस स्ट्रक्चर
अभिभावक संघ ने डीईओ की पहल का स्वागत किया है। अभिभावक संघ के नीलेश सिंह एवं धनंजय मिश्रा ने कहा कि यह पहल स्वागत योग्य है। इससे स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी। अभिभावक संघ ने आरोप लगाया है कि शहर के सभी बड़े निजी स्कूलों ने मनमाने तरीके से फीस स्ट्रक्चर तैयार किया है। एडमिशन फीस हर साल करीब 9 से 10 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। इनमें कई ऐसे फीस भी शामिल हैं, जिनपर रोक है। पहली आठवीं तक डिजी क्लास फीस, साइंस फीस एवं लाइब्रेरी फीस के नाम पर हर छात्र से करीब दो हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। इसकी शिकायत अभिभावक संघ ने फरवरी 2026 में की थी।
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