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सोशल मीडिया पर दिखने वाली लग्जरी लाइफस्टाइल…फॉरेन टूर…और BMW जैसी महंगी कार। पहली नजर में सब कुछ एक सफल इंफ्लुएंसर की कहानी लगती है। लेकिन रायपुर पुलिस की कार्रवाई में जो तस्वीर सामने आई, वो इससे बिल्कुल उलट है। ऑनलाइन सट्टा गिरोह का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी जो खुद को सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के तौर पर प्रोजेक्ट करता था। दरअसल एक मल्टी-स्टेट सट्टा सिंडिकेट चला रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क की जड़ें सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं थीं, बल्कि मुंबई, गोवा और देश के कई हिस्सों में फैली हुई थीं। सबसे चौंकाने वाला पहलू उसका दुबई कनेक्शन है, जहां उसकी मुलाकात IPL के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी से होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इस मुलाकात का सट्टा नेटवर्क से सीधा संबंध क्या है, इसकी जांच अभी जारी है, लेकिन इस इनपुट ने पूरे मामले को लोकल से उठाकर इंटरनेशनल एंगल दे दिया है। पढ़िए इस रिपोर्ट में सामने आई बाबू खेमानी के लग्जरी लाइफस्टाइल और मल्टी-स्टेट सट्टा सिंडिकेट की पूरी कहानी… 3 लेयर में चलता था ‘इंफ्लुएंसर’ बाबू खेमानी का सिंडिकेट जांच में सामने आई जानकारी को अगर एक साथ जोड़कर देखें, तो यह सिर्फ अलग-अलग गतिविधियों का मामला नहीं, बल्कि एक पूरी तरह संगठित और प्लान्ड नेटवर्क का ऑपरेशन था। हर हिस्से का अपना रोल तय था और सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए थे। इसी वजह से पुलिस की पड़ताल में यह साफ हुआ कि बाबू खेमानी का सट्टा सिंडिकेट एक नहीं, बल्कि 3 अलग-अलग लेयर में काम कर रहा था। जहां हर लेयर का मकसद अलग था, लेकिन टारगेट एक ही, नेटवर्क को फैलाना और पैसे के फ्लो को छुपाना। प्लेटफॉर्म बदले, नेटवर्क वही, नए नामों से फिर शुरू किया सट्टा ऑपरेशन पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शुरुआती दौर में बाबू खेमानी ने “मेटो”, “कलर 777” और “क्लासिक एक्स 99” जैसे बैटिंग एप्स के जरिए अपना नेटवर्क खड़ा किया। इन प्लेटफॉर्म के जरिए आईडी बनाकर कस्टमर्स को जोड़ा जाता था और मैच के दौरान सट्टा ऑपरेट किया जाता था। हालांकि, साल 2023 में पुलिस की कार्रवाई और बढ़ते दबाव के बाद इन प्लेटफॉर्म पर काम बंद कर दिया गया। लेकिन यह रुकावट ज्यादा समय तक नहीं रही। इसके बाद बाबू खेमानी और उसके साथियों ने नए नामों और नए पैनल के साथ फिर से ऑपरेशन शुरू कर दिया। जांच में सामने आया है कि 3 Stumps और 55 Exchange जैसे नए प्लेटफॉर्म तैयार किए गए, जिनमें पुराने कस्टमर्स को दोबारा जोड़ा गया और नए लोगों को भी शामिल किया गया। इस तरह नाम और प्लेटफॉर्म बदलकर सट्टा नेटवर्क को लगातार सक्रिय रखा गया और पुलिस से बचने की रणनीति अपनाई गई। दुबई कनेक्शन और ललित मोदी से मुलाकात जांच के दौरान बाबू खेमानी के नेटवर्क का एक अहम पहलू उसका दुबई कनेक्शन भी सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस की पूछताछ और जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, खेमानी की विदेश यात्राएं सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उसके संपर्कों का दायरा देश से बाहर तक फैला हुआ था। ऐसा माना जा रहा है कि दुबई प्रवास के दौरान बाबू खेमानी की मुलाकात आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित से भी हुई थी। खेमानी सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी शेयर किया है। ललित मोदी वही शख्स हैं, जिन्होंने भारत में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत की और क्रिकेट के इस फॉर्मेट को एक बड़े व्यावसायिक मॉडल में बदला। हालांकि, इस मुलाकात का ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है और जांच एजेंसियां इस पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। लेकिन इस इनपुट के सामने आने के बाद पुलिस ने बाबू खेमानी के इंटरनेशनल कनेक्शन, विदेश यात्राओं और संभावित नेटवर्क को लेकर जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। खुद को ‘सेलिब्रिटी’ समझता था खेमानी पूरे मामले में जांच के दौरान एक और दिलचस्प पहलू सामने आया है बाबू खेमानी खुद को एक ‘सेलिब्रिटी’ की तरह प्रोजेक्ट करता था। बाबू का असली नाम गुलशन खेमानी है लेकिन बाबू खेमानी के नाम से ही उसे पॉपुलेरिटी मिली। सोशल मीडिया पर उसकी मौजूदगी सिर्फ एक्टिव रहने तक सीमित नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी इमेज बिल्डिंग का हिस्सा थी। वह लगातार हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल को दिखाने वाले पोस्ट करता था महंगी कारें, विदेश यात्राएं, पार्टियां और नेटवर्किंग ताकि फॉलोअर्स के बीच उसकी एक सफल और प्रभावशाली व्यक्ति की छवि बन सके। इस दिखावे के जरिए वह खुद को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर पेश करता था, जिसने कम समय में बड़ी सफलता हासिल की है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वह अपने फॉलोअर्स के बीच सिर्फ एक आम इंफ्लुएंसर नहीं, बल्कि एक ‘बड़ा नाम’ बनकर उभरना चाहता था। इसी इमेज को मजबूत करने के लिए उसने क्रिकेट, खासकर आईपीएल से जुड़ा एक अलग एंगल तैयार किया। बताया जा रहा है कि वह आईपीएल मैचों के दौरान “प्रिडिक्शन” के नाम पर लोगों को जोड़ता था और खुद को एक एक्सपर्ट के रूप में प्रेजेंट करता था। आसान भाषा में कहें तो वह खुद को ऐसा व्यक्ति दिखाता था, जिसे मैच का अंदरूनी समझ है और जो सटीक अनुमान लगाकर पैसा कमा सकता है। इसी के जरिए वह लोगों को आसान कमाई का लालच देता था। प्रिडिक्शन और टिप्स के नाम पर फॉलोअर्स को अपने टेलीग्राम लिंक से जोड़ता था, जहां से आगे उन्हें सट्टा नेटवर्क में एंट्री दी जाती थी। इस पूरी प्रक्रिया में उसकी बनाई हुई ‘सेलिब्रिटी इमेज’ ही सबसे बड़ा टूल थी। जिससे लोग उस पर भरोसा करें, उसकी बात मानें और बिना ज्यादा सवाल किए उसके नेटवर्क का हिस्सा बन जाएं।
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