दुर्गा कॉलेज में ट्रांसजेंडर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन:विद्यार्थियों को सम्मान और अधिकारों की दी जानकारी, वक्ताओं ने कहा- सोच और व्यवहार में बदलाव जरूरी

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दुर्गा कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से ट्रांसजेंडर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति जागरूक करना और समानता, सम्मान व संवेदनशीलता की भावना बढ़ाना था। कार्यक्रम अधिकारी सुनीता चंसोरिया ने कहा कि इस तरह की पहल से विद्यार्थियों को ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े विषयों को समझने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम में विद्या राजपूत, रवीना बारीहा और पापी देबनाथ ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के सामाजिक जीवन, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, पहचान और अधिकारों से जुड़े विषयों की जानकारी दी। विद्या राजपूत ने कहा कि समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से भेदभाव के खिलाफ अपनी भूमिका निभाने की अपील की। विद्यार्थियों ने पूछे विभिन्न विषयों पर सवाल रवीना बारीहा ने कहा कि शिक्षा और जागरूकता सामाजिक बदलाव का मजबूत माध्यम है। वहीं पापी देबनाथ ने अपने अनुभव साझा करते हुए ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के सामने आने वाली सामाजिक चुनौतियों और भेदभाव के बारे में बताया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने समुदाय से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका वक्ताओं ने जवाब दिया। उन्होंने समझाया कि जेंडर पहचान के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए और हर व्यक्ति को समान अधिकार, सम्मान और गरिमा के साथ जीने का अधिकार है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहे मौजूद डॉ. अमन झा ने कहा कि कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार होने चाहिए, ताकि युवा अधिक संवेदनशील और समानता आधारित समाज बनाने में योगदान दे सकें। कार्यक्रम में डॉ. सुचित्रा राठी और प्रोफेसर रिमझिम का विशेष सहयोग रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
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