सरगुजा जिले की संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने सीतापुर के जजगा पुलिया के पास एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ओड़िशा से गांजा लाकर बेचने वाले दंपती (रूपनाथ या …और पढ़ें

HighLights
- ओड़िशा से लाया गया साढ़े चार लाख का गांजा जब्त, दंपती गिरफ्तार
- आबकारी उड़नदस्ता की बड़ी कार्रवाई, जब्त गांजे का वजन 22़ 600 किलो ग्राम
- आबकारी टीम ने सीतापुर के जजगा क्षेत्र में गश्त के दौरान गांजे के साथ आरोपितों को पकड़ा
नईदुनिया न्यूज, अंबिकापुर: सरगुजा जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने शनिवार को बड़ी सफलता हासिल करते हुए ओड़िशा से गांजा लाकर सप्लाई करने वाले दंपती को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपितों के कब्जे से करीब साढ़े चार लाख रुपए मूल्य का 22.600 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। दोनों आरोपिताें को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल दाखिल कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम को नशे के अवैध कारोबार की सूचना मिलने के बाद थाना सीतापुर क्षेत्र में विशेष गश्त अभियान चलाया जा रहा था। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में टीम बंदना मेन रोड से मैनपाट की ओर गश्त कर रही थी। इसी दौरान जजगा पुलिया के पास एक महिला और पुरुष ओड़िशा नंबर की टीवीएस जूपिटर वाहन के साथ दो बोरियों के पास संदिग्ध अवस्था में खड़े दिखाई दिए। टीम द्वारा वाहन रोककर पूछताछ किए जाने पर दोनों घबरा गए। संदेह होने पर बोरियों की जांच की गई, जिसमें गांजा भरा मिला।
पूछताछ में पुरुष ने अपना नाम रूपनाथ यादव तथा महिला ने इच्छा यादव बताया। दोनों पति-पत्नी हैं। बताया गया कि रूपनाथ यादव मूल रूप से बंदना थाना सीतापुर क्षेत्र का निवासी है, लेकिन ओड़िशा निवासी इच्छा यादव से विवाह के बाद वह ओड़िशा के सुंदरगढ़ जिले के किंजीर कला थाना अंतर्गत ग्राम रस्टी में रहने लगा था। आबकारी विभाग की पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों ओड़िशा से गांजा लेकर सरगुजा क्षेत्र में सप्लाई करने पहुंचे थे। जब्त गांजे की तौल करने पर उसका कुल वजन 22 किलो 600 ग्राम पाया गया।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से पहुंचने वाले अधिकांश गांजे की सप्लाई उड़ीसा से होती है। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ विभाग लगातार अभियान चला रहा है और ऐसे कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरी कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक रमेश दुबे, प्रधान आरक्षक अशोक सोनी, महिला सैनिक राजकुमारी सिंह एवं चंद्रावती की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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