बिलासपुर का इतिहास और इसकी धरती एक बार फिर अपनी कोख में छिपे प्राचीन ऐतिहासिक वैभव को लेकर सुर्खियों में है। …और पढ़ें

HighLights
- बिलासपुर के जूनी तालाब की खुदाई में निकली ऐतिहासिक धरोहर
- तखतपुर के छतौना में निकला 40 फीट लंबा प्राचीन घाट
- मिट्टी हटाते ही प्रकट हुईं पत्थरों की प्राचीन दीवारें
बिलासपुर। तखतपुर क्षेत्र के ग्राम छतौना स्थित जूनी तालाब में सफाई और गहरीकरण कार्य के दौरान प्राचीन स्नानागार संरचना अवशेष मिले हैं। खुदाई के दौरान ग्रामीणों को अचानक विशाल सीढ़ीदार स्नानागार, पचरी और कुंड सामने आने से पूरे क्षेत्र में उत्सुकता व आस्था का माहौल है। ऐतिहासिक धरोहर को देखने आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग पहुंच रहे हैं।
तखतपुर ब्लाक के ग्रामीण इलाके में चल रहे तालाब जीर्णोद्धार के काम के दौरान उस वक्त मजदूर हैरान रह गए, जब मिट्टी हटाने पर पत्थरों की प्राचीन और सुव्यवस्थित दीवारें नजर आने लगीं। धीरे-धीरे खुदाई आगे बढ़ने पर वहां एक भव्य और प्राचीन घाट पूरी तरह से निखरकर सामने आ गया। ग्रामीणों के मुताबिक, तालाब के भीतर मिली यह प्राचीन पचरी लगभग 40 फीट लंबी और 15 फीट चौड़ी है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि घाट के ठीक नीचे प्राचीन कुंडनुमा संरचना भी दिखाई दे रही है।
खोज के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने इसे दैवीय चमत्कार और ईश्वरीय कृपा मान रहे है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि जूनी तालाब के नीचे ऐसी कोई प्राचीन संरचना छिपी होगी, इसके बारे में पहले कभी किसी को आभास तक नहीं था। अचानक प्रकट हुई ऐतिहासिक धरोहर की खबर आग की तरह फैल रही है, जिससे हर दिन यहां मेला जैसा माहौल बन रहा है। बिलासपुर जिला पहले से ही पुरातात्विक संपदा से समृद्ध रहा है, ऐसे में नई खोज ने इतिहासकारों और पुरातत्व प्रेमियों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है।
धरोहर को संरक्षित करने की मांग
छतौना के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से स्नानागार स्थल की सुरक्षा बढ़ाने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि पुरातत्व विभाग की टीम को तत्काल मौके पर भेजकर मिले अवशेषों की वैज्ञानिक जांच कराए। ग्रामीणों का कहना है कि इसे संरक्षित घोषित कर सहेजा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां ऐतिहासिक वैभव को देख सकें।
जिले का समृद्ध रहा है इतिहास
बिलासपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले के कई तालाबों की खुदाई, कृषि कार्य और निर्माण गतिविधियों के दौरान प्राचीन मूर्तियां, पुरातात्विक सिक्के, ऐतिहासिक शिलालेख और ताम्रपत्र मिल चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छतौना में मिले अवशेष भी किसी प्राचीन सभ्यता या राजवंश कालीन हो सकते हैं।
ग्राम छतौना में तालाब गहरीकरण के दौरान प्राचीन स्नानागार और अवशेष मिलने की जानकारी सामने आई है। इस संबंध में पुरातत्व विभाग को मामले की सूचना दे दी गई है। पुरातत्व विभाग की जांच में यदि यह संरचना प्राचीन और ऐतिहासिक पाई जाती है, तो इसके संरक्षण को लेकर प्रशासन द्वारा उचित उपाय किए जाएंगे।संदीप अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत बिलासपुर
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