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रायपुर AIIM में क्लिनिकल न्यूट्रिशन और डायटेटिक्स विभाग की ओर से आईएपीईएन रायपुर चैप्टर और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) छत्तीसगढ़ के सहयोग से “तृतीय वार्षिक पीडियाट्रिक न्यूट्रिशन कोर मीट 2026” का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों ने बच्चों में कुपोषण, मेटाबॉलिक डिसऑर्डर, गंभीर बीमारियों के दौरान पोषण प्रबंधन और आधुनिक बाल पोषण चिकित्सा पर चर्चा की। कार्यक्रम का मुख्य विषय “क्लिनिकल न्यूट्रिशन प्रैक्टिस में उत्कृष्टता का संवर्धन” रहा। रिसर्च और प्रैक्टिकल ट्रीटमेंट के बीच तालमेल पर जोर सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए अकादमिक रिसर्च और व्यावहारिक चिकित्सा के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। तकनीकी सत्रों में बाल पोषण मूल्यांकन, गंभीर रोगियों में न्यूट्रिशन सपोर्ट और आधुनिक फीडिंग तकनीकों पर जानकारी दी गई। “विश्व उच्च रक्तचाप दिवस 2026” के अवसर पर बच्चों और युवाओं में बढ़ते हाई ब्लड प्रेशर पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने दी संतुलित आहार और नियमित जांच की सलाह तकनीकी सत्रों में ने बाल पोषण मूल्यांकन पर जानकारी दी, जबकि ने गंभीर रोगियों के प्रबंधन में न्यूट्रिशन सपोर्ट की भूमिका पर प्रकाश डाला। ने संतुलित आहार और नियमित जांच के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में द्वारा “न्यूट्री-क्विज़” और द्वारा आधुनिक फीडिंग तकनीकों का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। भविष्य में भी जारी रहेंगी शैक्षणिक गतिविधियां सम्मेलन का समापन भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों को जारी रखने के संकल्प के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने जन्मजात चयापचय विकारों और आधुनिक बाल पोषण चिकित्सा पर दिए गए व्यावहारिक प्रशिक्षण की सराहना की।
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