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बिलासपुर। राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आज सुबह करीब तीन घंटे तक स्कूटी से बिलासपुर शहर के विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम, स्मार्ट सिटी और लोक निर्माण विभाग के अधूरे प्रोजेक्ट्स पर नाराजगी व्यक्त की। उपमुख्यमंत्री ने मंगला में निर्माणाधीन 10 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और कोनी के कन्वेंशन सेंटर सहित कई अधूरे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने देरी और लापरवाही के लिए अधिकारियों व ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान, उपमुख्यमंत्री साव अधूरे निर्माण कार्यों को लेकर सख्त नजर आए। उन्होंने मंगला स्थित 10 एमएलडी एवं 6 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन एसटीपी, कोनी कन्वेंशन सेंटर, शिवघाट बैराज, रामसेतु के बाईं ओर अटल पथ निर्माण और अशोकनगर-बिरकोना सड़क गौरव पथ निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने अधूरे कार्यों को जल्दी पूरा करने में आ रही बाधाओं को दूर कर तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। एसटीपी निर्माण में विलंब पर विशेष नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस निरीक्षण दौरे में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी और नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे भी उपमुख्यमंत्री के साथ मौजूद थे। भास्कर का ‘अरपा अभियान’ कारगर, 251 करोड़ के प्रोजेक्ट को हरी झंडी अरपा नदी को साफ और प्रदूषण मुक्त बनाने, उसमें पूरे साल पानी बनाए रखने और उसके उद्गम स्थल के संरक्षण के लिए दैनिक भास्कर ने साल 2017 से ‘अरपा अभियान’ के तहत लगातार खबरें प्रकाशित की। इसी मुद्दे पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई, जिसकी सुनवाई अभी भी चल रही है। कोर्ट के निर्देशों के बाद शासन और प्रशासन ने अरपा नदी के विकास के लिए काम शुरू किया है। अब उप मुख्यमंत्री साव ने अरपा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए 251 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दे दी है। इससे नदी को साफ करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अरपा के पुनरूद्धार में कोई कमी नहीं रहने देंगे उन्होंने कहा कि अरपा नदी बिलासपुर की जीवनदायिनी है और यह लोगों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। इसके संरक्षण और सुधार में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने अरपा नदी को प्रदूषण से मुक्त करने और उसके पुनरुद्धार के लिए 250 करोड़ 93 लाख रुपए की योजना को मंजूरी दी। साथ ही कहा कि इस परियोजना को जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए। 70 नालों का गंदा पानी अरपा को प्रदूषित कर रहा उन्होंने बताया कि शहर के करीब 70 नालों का गंदा पानी सीधे अरपा नदी में जा रहा है, जिससे नदी प्रदूषित हो रही है। इस समस्या को रोकने के लिए नगर निगम ने 250.93 करोड़ रुपए की विस्तृत योजना तैयार की है। इस योजना के तहत 17 किलोमीटर क्षेत्र में फैले 70 नालों के गंदे पानी को साफ करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए 57 जगहों पर पानी रोकने और मोड़ने के ढांचे, 13 जगहों पर पानी मोड़ने के काम, करीब 10 किलोमीटर सीवर लाइन, 2.77 किलोमीटर पंपिंग लाइन, 3 सीवेज पंपिंग स्टेशन और 2 नए एसटीपी बनाए जाएंगे। इन सभी व्यवस्थाओं से नालों का गंदा पानी साफ होने के बाद ही अरपा नदी में जाएगा, जिससे नदी प्रदूषित नहीं होगी। निगम को मसौदा तैयार करने के निर्देश उप मुख्यमंत्री ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि इस परियोजना की सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं, ताकि राज्य सरकार से जल्दी मंजूरी मिल सके और अरपा नदी के संरक्षण का काम शुरू हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में जो बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर बेतरतीब तरीके से लगे हैं, उन्हें सही जगह पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही आगे से नए खंभे या ट्रांसफार्मर लगाने से पहले नगर निगम की अनुमति लेना जरूरी होगा। इसके अलावा उन्होंने कोनी स्थित कन्वेंशन सेंटर के लिए पर्याप्त पार्किंग बनाने और उसके पीछे की सरकारी जमीन को भी पार्किंग के रूप में उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जनहित के काम समय पर पूरे होने चाहिए ताकि लोगों को जल्दी फायदा मिले। उनका उद्देश्य ठेकेदारों को सजा देना नहीं, बल्कि काम सही तरीके से पूरा कराना है। शहर की दशा और दिशा बदलने का दावा उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी विकास परियोजनाओं के समयबद्ध पूर्ण होने से बिलासपुर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और शहर की दशा एवं दिशा में व्यापक परिवर्तन आएगा। निरीक्षण के दौरान बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भी अधिकारियों को लंबे समय से अधूरे पड़े इन कार्यों को जल्द पूर्ण करने का व्यवहारिक समाधान सुझाया।
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