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छत्तीसगढ़ के उदंती सितानदी टाइगर रिजर्व में बाघ के शिकार की साजिश का खुलासा हुआ है। इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से हिरण का सींग, जहर की बोतल और जहर से मरी हुई मछलियां व केकड़े जब्त किए गए हैं। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। वन विभाग को ओडिशा राज्य के नुआपाड़ा जिले के कुछ व्यक्तियों द्वारा उदंती सितानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघ का शिकार करने की साजिश रचने की सूचना मिली थी। इसके बाद उदंती सितानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम ने सतर्कता बढ़ाते हुए निगरानी और जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान, आरोपी रमन हेरना (लगभग 76 वर्ष, निवासी खिपरीमाल, थाना सिनापाली, जिला नुआपाड़ा, ओडिशा) को पकड़ा गया। उसके पास से हिरण का सींग जब्त किया गया। रमन हेरना के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में रमन हेरना ने बताया कि उसने ग्राम कोसमखुंटा निवासी हिंगुल रावत नामक व्यक्ति को बाघ की खाल उपलब्ध कराने का ठेका दिया था। रमन हेरना के अनुसार, हिंगुल रावत ने आश्वासन दिया था कि वह बाघ को जहर या तीर-कमान से मारने की योजना बनाएगा और इस काम में यूएसटीआर सीमा से लगे ओडिशा के कटफाड़ गांव के 6-7 लोगों को लगाएगा। बाद में, उदंती सितानदी टाइगर रिजर्व की पेट्रोलिंग टीम ने ग्राम कटफाड़, ओडिशा के 6 व्यक्तियों को परिक्षेत्र कुल्हाड़ीघाट के अंतर्गत स्थित रानीबरझोला नाले में अवैध रूप से प्रवेश करते हुए पकड़ा। ये आरोपी बाघ और हाथी विचरण क्षेत्र में शिकार के उद्देश्य से नाले के पानी को जहरीला कर रहे थे। मौके से जहर की शीशी, मृत मछलियां और केकड़े जब्त किए गए। गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों से पूछताछ जारी है और जब्त किए गए जहर को फॉरेंसिक जांच के लिए पुलिस एफएसएल लैब रायपुर भेजा जा रहा है।
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