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महासमुंद जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय भंवरपुर परीक्षा केंद्र में नकल और बदसलूकी की शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने केंद्राध्यक्ष सहित पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर ने 12 मई 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों के प्रवेश से पहले नियमानुसार जांच नहीं की गई। इसी लापरवाही के कारण एक छात्र इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (डिजिटल कैमरा) लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने में सफल रहा। बताया गया कि परीक्षा के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग की गई, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। आदेश में कहा गया है कि इस घटना से शिक्षा विभाग की छवि धूमिल हुई है। जांच में केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक और अन्य कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। ड्यूटी निर्वहन में घोर लापरवाही को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचार माना गया। लोक शिक्षण संचालनालय ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के उपनियम 1(क) के तहत इन कर्मचारियों को निलंबित किया है। निलंबित होने वालों में एक भृत्य और चार शिक्षक शामिल हैं। निलंबित कर्मचारियों में शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिठिया, विकासखंड बसना के केंद्राध्यक्ष व्याख्याता गंगा प्रसाद पटेल; स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय भंवरपुर के सहायक केंद्राध्यक्ष व्याख्याता अनिरुद्ध भोई और दिनेश कुमार दास; इसी विद्यालय के पर्यवेक्षक सहायक शिक्षक एलबी दुर्गाप्रसाद पटेल; तथा नियमित भृत्य श्रीमती विजिया बुड़ेके शामिल हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। सभी निलंबित कर्मचारियों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय महासमुंद नियत किया गया है।
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