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बलरामपुर रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 14 निवासी 25 वर्षीय काशी भुइंया आज दोपहर करीब 3:30 बजे एनीकट में मछली पकड़ते समय बह गया। घटना के बाद से प्रशासन और स्थानीय लोग उसकी तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन अब तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
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पैर फिसलने से हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, काशी भुइंया अपने पिता बैजनाथ भुइंया के साथ दोपहर में मच्छरदानी से मछली पकड़ने के लिए एनीकट के पहले गेट के पास बैठा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह संतुलन खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक ने खुद को बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण वह बह गया।
100 मीटर तक बहते देखा, फिर हुआ लापता
स्थानीय लोगों के मुताबिक, काशी को लगभग 100 मीटर तक पानी में बहते देखा गया, जिसके बाद वह नजरों से ओझल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस को भी सूचित किया गया, जिसके बाद तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया गया। फिलहाल पुलिस और गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश की जा रही है।
सर्च ऑपरेशन तेज करने की मांग
एनीकट के नीचे पत्थरों के बीच फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों में गहरी चिंता और शोक का माहौल है। परिजन युवक की सकुशल वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और प्रशासन से सर्च ऑपरेशन तेज करने की मांग कर रहे हैं। यह हादसा एनीकट क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
एनीकट की खराब हालत बनी खतरा
बताया गया है कि एनीकट के निर्माण पर करीब 9 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसका कार्य आज तक पूरा नहीं हुआ है। डाउनस्ट्रीम फ्लोर का फर्श न होने के कारण एनीकट से गिरने के बाद संभलना मुश्किल हो जाता है, जिससे मौत की आशंका बढ़ जाती है।
पहले भी हो चुकी हैं मौतें
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस एनीकट में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। एनीकट में क्षतिग्रस्त सरिया और नुकीले पत्थर भी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं, क्योंकि यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
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