अनुमति विवाद में उलझा दशहरा कार्यक्रम
बिलासपुर में साइंस कॉलेज ग्राउंड में दशहरा उत्सव के आयोजन को लेकर विवाद गहरा गया है। अनुमति नहीं मिलने से नाराज अरपांचल लोक मंच के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मैदान के गेट पर धरना शुरू कर दिया। प्रशासन ने गेट पर ताला लगा दिया है। अरपांचल लोक मंच कई वर्षो
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बिलासपुर में रावण दहन के आयोजन और मुख्य अतिथि बनने को लेकर राजनीतिक खींचतान पुरानी है। पहले पुलिस मैदान या रेलवे के रामलीला मैदान में भी ऐसे विवाद होते रहे हैं। हर बार सत्ता परिवर्तन के साथ मुख्य अतिथि बदलते रहे हैं, और साइंस कॉलेज मैदान में अनुमति को लेकर उपजा यह विवाद भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

साइंस कॉलेज मैदान में दशहरा आयोजन
साइंस कॉलेज मैदान बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां से भाजपा के सुशांत शुक्ला विधायक हैं। उन्होंने चुनाव में कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी को हराया था। दशहरा उत्सव के आयोजन को लेकर एक बार फिर दोनों आमने-सामने हैं।
साइंस कॉलेज मैदान में होने वाले दशहरा उत्सव के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू होंगे। विशिष्ट अतिथियों में विधायक अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, धर्मजीत सिंह और अटल श्रीवास्तव शामिल हैं। कार्यक्रम शाम 7:30 बजे आयोजित होगा।

अरपांचल मंच के प्रदर्शन में शामिल हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष
अनुमति नहीं मिलने के बावजूद, अरपांचल लोक मंच ने कार्यक्रम के आयोजन की घोषणा की है। मंच के धरना और जुलूस का कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने समर्थन किया और प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो समिति वर्षों से यह कार्यक्रम करती आ रही है, उसे अनुमति क्यों नहीं दी गई।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष जवाहर केशरवानी ने सवाल उठाते हुए कहा कि, जिला प्रशासन आखिर किसके दबाव में काम कर रहा है? एक बाहरी व्यक्ति आता है, अनुमति लेता है और चला जाता है।” उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी आयोजन समिति के साथ है।

विधायक सुशांत बोले – हार के बाद जमीन बचाने की राजनीति
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने केशरवानी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह हार के बाद राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश है। उन्होंने कहा, “जनता जिन लोगों को नकार चुकी है, अब वे छोटी-छोटी राजनीति कर अपने वर्चस्व को स्थापित करना चाहते हैं।
शुक्ला ने यह भी कहा कि रावण दहन सत्य की जीत का प्रतीक है, इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए।
सिधांशु मिश्रा का दावा – पहले आवेदन के बावजूद नहीं मिली अनुमति
अरपांचल लोकमंच के प्रतिनिधि सिधांशु मिश्रा ने दावा किया कि उन्होंने साइंस कॉलेज मैदान में दशहरा उत्सव के लिए सबसे पहले आवेदन दिया था, लेकिन राजनीतिक दबाव में सिद्धांत भारती को अनुमति दे दी गई। मिश्रा ने आरोप लगाया कि जिनके नाम पर अनुमति दी गई, निमंत्रण पत्रों में उनका कोई उल्लेख नहीं है, और अरपांचल दशहरा समिति के नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने कलेक्टर को मामले में उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया था, लेकिन प्रशासन ने निष्पक्षता नहीं बरती।

शनिचरी बाजार में 77वां दशहरा उत्सव, तैयार 60 फुट का रावण
दूसरी ओर, शनिचरी बाजार दशहरा उत्सव समिति द्वारा लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में दशहरा उत्सव की 77वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई जा रही है। यहां 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है, जिसकी भयानक आंखें और चमकता लॉकेट दूर से नजर आता है।
2 अक्टूबर की शाम 4 बजे से श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमानजी व वानर सेना और रावण की असुर सेना नगर भ्रमण करते हुए 6 बजे तक मैदान पहुंचेंगी। इसके बाद नगर विधायक अमर अग्रवाल रावण दहन करेंगे।
कार्यक्रम में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला अध्यक्षता करेंगे। इसके अलावा नगर निगम नेता प्रतिपक्ष विनोद सोनी, संभागीय चैंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष राम अवतार अग्रवाल, समाजसेवी अनिल खंडेलवाल, छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष कमल बृजमोहन सोनी, प्रथम हॉस्पिटल डॉ. रजनीश पांडे, जैन पब्लिक स्कूल कोरबा ट्रस्टी अवध जाजोदिया, आदर्श दुर्गोत्सव समिति अध्यक्ष जवाहर सराफ सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहेंगे।
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