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बिलासपुर में फ्लैट के नाम ट्रांसफर फाइल एक साल तक पेंडिंग रखने पर नाराज युवक शुक्रवार को अफसरों को “याददाश्त बढ़ाने” के लिए बादाम लेकर पहुंच गया। वीडियो वायरल होने के बाद जांच हुई और लापरवाही पाए जाने पर दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। मामला सामने आने के बाद गृह निर्माण मंडल ने जांच कराई। जांच में पता चला कि लापरवाही गंभीर थी। तरुण साहू ने 17 मार्च 2025 को नामांतरण के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 को सारी प्रक्रिया पूरी कर पत्र भी जारी कर दिया गया था। लेकिन इसके बाद भी फाइल उन्हें नहीं दी गई और दफ्तर में ही पड़ी रही। यानी काम पूरा होने के बावजूद उन्हें करीब एक साल तक बेवजह चक्कर लगाने पड़े। फाइल गायब होने पर युवक ने किया था अनोखा विरोध दरअसल, फ्लैट के नाम ट्रांसफर की फाइल नहीं मिलने से परेशान और नाराज युवक हाउसिंग बोर्ड ऑफिस आधा किलो बादाम लेकर पहुंच गया था। युवक ने स्टेट मैनेजर की टेबल पर बादाम फेंकते हुए कहा, “इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी। जब याद आ जाए कि मेरी फाइल कहां है, तो मुझे बता दीजिए।” 2 अधिकारी मुख्यालय अटैज, कड़ी कार्रवाई का दावा इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए विभाग ने सख्त कार्रवाई का दावा किया है। संपदा अधिकारी-कार्यपालन अभियंता एलपी बंजारे और संपदा प्रबंधक दोनों को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय, नवा रायपुर अटैच कर दिया गया है। गृह निर्माण मंडल के आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि आम नागरिकों के काम में देरी और लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला अफसर ने की शिकायत वीडियो वायरल होने के बाद हाउसिंग बोर्ड ऑफिस की एक महिला अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी एसपी ऑफिस पहुंच गए और वीडियो बनाने वाले युवक पर ही आरोप लगाने लगे। उन्होंने जातिगत गाली देने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। यह भी आरोप है कि अपनी लापरवाही छिपाने के लिए इस तरह की शिकायत की गई। फिलहाल उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर चल रहा वार इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप जारी है। हाउसिंग बोर्ड की महिला अधिकारी का कहना है कि उन्हें सुनवाई का मौका दिए बिना कार्रवाई की गई। वहीं युवक ने भी महिला की शिकायत के जवाब में वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है।
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