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छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू राम निषाद का कहना है कि विकास के चार स्तंभ गरीब, किसान, महिला व युवा वर्ग हैं। योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को इसके लिए कार्य करना होगा। इनके आर्थिक विकास से ही देश मजबूत होगा। लोगों में जागरूकता लाकर उन्हें योजना का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करें।
निषाद ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर अजीत वसंत, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, सचिव राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग संकल्प साहू, सहायक अनुसंधान अधिकारी अनिता डेकाटे, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग श्रीकांत कसेर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
निषाद ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन की दिशा में सतत आगे बढ़ रही है। योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हम सभी संवाहक के रूप में कार्य करते है। हम सभी को लक्ष्यपूर्ति के लिए योजना बनाकर मेहनत करना है। 2047 तक भारत को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में विश्व मानचित्र में अंकित करना है। कृषि विभाग को बेहतर काम करने की जरूरत है। योजनाओं से पलायन को रोकने में मदद मिल सकती है।
महिला एवं बाल विकास विभाग को महतारी वंदन योजना में पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को जोड़ने के लिए काम करने कहा। आयोग के अध्यक्ष ने कहा शिक्षा, पशुपालन, मत्स्य पालन, रेशम, श्रम, आदिवासी विकास जैसे सभी विभागों में अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित है, इनका लाभ वर्ग के पात्र लोगों को गम्भीरता से पहुचाएं। कौशल उन्नयन योजना से युवाओं को हुनर सीखाकर रोजगार से जोड़े।
विभागीय अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप सभी अपने विभागों में पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए नवाचार की दिशा में कार्य करें। आयोग के अध्यक्ष निषाद ने कहा कि शासकीय योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देशित किया कि जागरूकता के अभाव में वंचित रह रहे पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। तकनीकी कारणों या त्रुटिवश लाभ प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए प्रभावी प्रयास करने की जरूरत है।
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