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मुंगेली जिले में दीपावली के अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) बिहान के तहत “महिला उद्यमिता स्टॉल” का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था।
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जिला पंचायत मुंगेली (छत्तीसगढ़) द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग महिला स्व-सहायता समूहों ने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया।
स्टॉल में पारंपरिक हस्तनिर्मित वस्तुएं जैसे दीये, मिठाई, पूजा-पाठ की सामग्री, अगरबत्ती, धूप, कलश, ग्वालिन दीया-गुल्लक, झूमर मिरर, साड़ी, स्कार्फ और थैले आकर्षण का केंद्र बने रहे। इन उत्पादों ने दीपावली पर्व की रौनक बढ़ाई।
“लोकल को वोकल” बनाने की दिशा में पहल
जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने स्टॉल का अवलोकन किया और समूह की महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और उद्यमिता का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
सीईओ ने बताया कि बिहान योजना के तहत स्व-सहायता समूहों की महिलाएं स्थानीय उत्पादों के माध्यम से “लोकल को वोकल” बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।
महिलाओं का बढ़ाया उत्साह
इस स्टॉल ने महिलाओं को अपने उत्पादों को बाजार से जोड़ने, ग्राहकों से सीधा संवाद स्थापित करने और व्यावसायिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। स्थानीय नागरिकों ने भी इन हस्तनिर्मित वस्तुओं को उत्साहपूर्वक खरीदकर महिलाओं के इस प्रयास को समर्थन दिया।
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