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बलरामपुर जिले के रामानुजगंज के प्रगति वन महिला स्वयं सहायता समूह ने इस दीपावली पर गोबर और मिट्टी से बने 7000 रंग-बिरंगे दीयों का निर्माण किया। इन दीयों की क्षेत्र में भारी मांग रही, जिससे समूह की महिलाओं को आर्थिक लाभ मिला और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग
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समूह की सचिव सरस्वती ठाकुर ने बताया कि ये दिये गोबर और मिट्टी से तैयार किए जाते हैं, जिन्हें बाद में आकर्षक रंगों से सजाया जाता है। एक दिए की कीमत 3 रुपए निर्धारित की गई थी।
इस साल कुल 7000 दीयों की बिक्री हुई, जो महिलाओं के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बनी।
पिछले 5 सालों बना रहे दिये
यह समूह रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 7 स्थित तरल, ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में कार्यरत है। पिछले 8 सालों से ये महिलाएं घर-घर जाकर कचरा एकत्र कर रही हैं, जिसका उपयोग खाद बनाने में किया जाता है।
इसके अलावा सूखे कचरे का पुनर्चक्रण कर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा रहा है। समूह पिछले 5 सालों से दीपावली के अवसर पर मिट्टी और गोबर के दीये बना रहा है।
आर्थिक रूप से सशक्त हो रही महिलाएं
नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने महिला समूह के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाएं न केवल स्वच्छता अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, बल्कि अपने खाली समय का सदुपयोग कर स्वरोजगार को भी बढ़ावा दे रही हैं।
दिया निर्माण जैसी गतिविधियां महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त कर रही हैं और समाज को स्वच्छता तथा सांस्कृतिक विरासत से जोड़ रही हैं।
रामानुजगंज की यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
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