कोरबा में एक महिला ने 102 एम्बुलेंस में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। शहर के घंटाघर मुख्य मार्ग पर प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला को देखकर राहगीरों ने 102 वाहन को सूचना दी थी।
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एम्बुलेंस उसे लेकर जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रवाना हुई, जहां रास्ते में ही उसने बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल पहुंचने पर महिला को वार्ड में भर्ती किया गया, जबकि नवजात को एसएनसीयू शिशु कक्ष में रखा गया है।
महिला को परिजनों ने अपनाने से किया इनकार
अस्पताल प्रबंधन ने महिला के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया। महिला ने बताया कि वह मानसिक रूप से परेशान है और रायगढ़ जिले की रहने वाली है। उसने अपने पिता का मोबाइल नंबर दिया। पिता ने फोन पर बताया कि महिला की शादी कोरबा में हुई थी और वह 3-4 साल से घर से निकली हुई है। उन्होंने उसे पहचानने से इनकार करते हुए कहा कि उनका अब उससे कोई संबंध नहीं है।



पति ने भी महिला से संबंध से किया इनकार
इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने महिला के पति से भी संपर्क किया। पति ने भी महिला से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार कर दिया। इस स्थिति से जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन मां और बच्चे को लेकर मुश्किल में पड़ गया।

जिला अस्पताल में नवजात का इलाज जारी
जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डॉक्टर ने बताया कि नवजात बच्चे का वजन 3 किलो है और उसे इलाज की जरूरत है। इसी वजह से बच्चे का खास ध्यान रखते हुए इलाज किया जा रहा है।
मां-बच्चे के लिए महिला बाल विकास विभाग को लिखा पत्र
महिला की उम्र लगभग 28 साल बताई जा रही है और वह मानसिक रूप से परेशान है। चूंकि उसके घरवाले और पति उसे रखने को तैयार नहीं हैं, इसलिए अस्पताल प्रबंधन ने मां और बच्चे के संबंध में महिला बाल विकास विभाग को पत्र लिखा है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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