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रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में आरंग से आई एक गर्भवती महिला का शौचालय में ही प्रसव हो गया। डॉक्टरों ने बताया कि, प्रसव पीड़ा को महिला ने मल त्याग की आवश्यकता समझा और शौचालय चली गई। इसी दौरान महिला ने वहां 2.4 किलो वजनी स्वस्थ बच्ची
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सूचना मिलते ही ओपीडी स्टाफ मौके पर पहुंचा और तत्परता दिखाते हुए मां को सुरक्षित प्रसव कक्ष में ले जाया गया। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की देखरेख में मां और बच्ची दोनों को जरूरी इलाज दिया गया।
डॉक्टरों ने तत्काल की इलाज उपलब्ध कराई
डॉक्टरों ने बताया कि, मां और बच्ची दोनों की प्राथमिक जांच की गई। नवजात को तुरंत शिशु रोग विशेषज्ञों के पास ले जाकर जरूरी देखभाल की गई, बच्चा और मां दोनों ही स्वस्थ हैं। बच्ची को जन्म के बाद लगाए जाने वाले अनिवार्य टीके उसी समय लगा दिए गए।
जोकि महिला का ब्लड ग्रुप नेगेटिव था और बच्ची का ब्लड ग्रुप पॉजिटिव निकला, इसलिए महिला को तुरंत एंटी-डी (Rh(D) इम्युनोग्लोबुलिन) इंजेक्शन दिया गया। यह इंजेक्शन भविष्य में मां और शिशु के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होता है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि, प्रसव पीड़ा के दौरान अगर महिला को अचानक मल त्यागने की तीव्र इच्छा महसूस हो, तो यह संकेत हो सकता है कि प्रसव बहुत नजदीक है। ऐसी स्थिति में तुरंत सुरक्षित जगह और चिकित्सा सुविधा तक पहुंचना जरूरी है, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
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