विजय हजारे ट्रॉफी एलीट 2025-26 के ग्रुप C मुकाबले में पंजाब ने छत्तीसगढ़ को 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। पंजाब ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। अंतिम ग्राउंड जयपुर में खेले गए। इस मैच में छत्तीसगढ़ ने पहले बल्लेबाजी
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छत्तीसगढ़ की ये लगातार दो मुकाबलों में ये दूसरी हार है। एक और हार टीम को नॉक आउट मुकाबले में जगह बनाने से दूर कर सकती है। दोनों ही मैच में छत्तीसगढ़ ने पहले बल्लेबाजी की लेकिन टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई।
हरनूर सिंह रहे मैच के हीरो
पंजाब के हरनूर सिंह ने शानदार शतक (108 रन, 104 गेंद) जड़ते हुए टीम को आसान जीत दिलाई। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनके साथ अनमोलप्रीत सिंह ने 88 रन (87 गेंद) की नाबाद पारी खेली।
पहला विकेट खोने के बाद पंजाब की तेज बल्लेबाजी
पंजाब ने लक्ष्य का पीछा बेहद आक्रामक अंदाज में किया। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद हरनूर और अमोलप्रीत ने पारी को संभाल लिया। दोनों के बीच शतकीय साझेदारी ने छत्तीसगढ़ को मैच से बाहर कर दिया।
छत्तीसगढ़ के कप्तान ही परफॉर्म कर पाए
छत्तीसगढ़ की ओर से उनके कप्तान अमनदीप खरे ने 61 रन (73 गेंद) बनाए, जबकि शुभम अग्रवाल ने 35 रन (42 गेंद) का योगदान दिया। हालांकि मध्यक्रम के लड़खड़ाने से टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।
मैच एनालिसिस
टीम के तौर छत्तीसगढ़ फेल, सिर्फ इंडिविजुअल परफॉरमेंस ही दिखी
छत्तीसगढ़ की बल्लेबाजी में व्यक्तिगत प्रयास ही दिखे, लेकिन टीम समग्र रूप से बड़ी और मजबूत पारी नहीं खेल सकी। नतीजा यह रहा कि छत्तीसगढ़ 48.4 ओवर में 10 विकेट खोकर 253 रन ही बना पाई।
टॉप स्कोरर: कप्तान अमनदीप खरे
छत्तीसगढ़ के लिए सबसे बड़ी पारी कप्तान अमनदीप खरे ने खेली।
- 76 रन (89 गेंद)
- 4 चौके, 1 छक्का
- स्ट्राइक रेट: 85.39

छत्तीसगढ़ के कप्तान अमन दीप खरे।
खरे ने मध्यक्रम में टिककर पारी संभाली, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे, जिससे रन गति तेज नहीं हो सकी।
मयंक वर्मा का संघर्षपूर्ण अर्धशतक
विकेटकीपर मयंक वर्मा ने भी जिम्मेदारी निभाई।
- 64 रन (70 गेंद)
- 8 चौके
- स्ट्राइक रेट: 91.43
मयंक ने अनुज तिवारी और बाद में अमनदीप खरे के साथ अहम साझेदारियां कीं, लेकिन उनका आउट होना छत्तीसगढ़ की पारी का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
शुरुआती जोड़ी ने दी साधारण शुरुआत
- आयुष पांडेय: 10 रन (16 गेंद)
- अनुज तिवारी: 31 रन (40 गेंद, 6 चौके)
टीम को तेज शुरुआत नहीं मिल सकी। 3.4 ओवर में पहला विकेट गिरने के बाद पावरप्ले का फायदा नहीं उठाया जा सका। पहले मैच में टीम ने बहुत स्लो स्टार्ट किया था।
मिडिल ऑर्डर फिर नाकाम
पहले मैच की तरह इस मैच में भी मध्यक्रम पूरी तरह लड़खड़ा गया
- संजीत देसाई: 2 रन
- विकल्प तिवारी: 4 रन
- मोहित राउत: 4 रन
इन विकेटों के गिरने से रन गति थम गई और दबाव बढ़ता चला गया।
लोअर ऑर्डर शुभम अग्रवाल ने संभाला
अग्रवाल ने निचले क्रम में 36 रन (45 गेंद) बनाए और खरे के साथ 74 रन की सबसे बड़ी साझेदारी निभाई, जिससे टीम 250 के पार पहुंच सकी।
नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे
132 रन पर चौथा विकेट (मयंक वर्मा आउट)
153 रन पर छठा विकेट
227 रन पर सातवां विकेट
आखिरी 3 विकेट सिर्फ 26 रन के भीतर गिरे
छत्तीसगढ़ की गेंदबाजी भी बेअसर
छत्तीसगढ़ के किसी भी गेंदबाज को लगातार दबाव बनाने में सफलता नहीं मिली।
- मोहित राउत को एकमात्र विकेट मिला।
- बाकी गेंदबाज महंगे साबित हुए, खासकर मिडिल ओवर्स में।
मुश्किल हो सकती है नॉक आउट की राह
पंजाब से 9 विकेट की हार से छत्तीसगढ़ को नेट रन रेट (NRR) में बड़ा नुकसान हुआ है। 253 रन बनाने के बावजूद विपक्ष ने लक्ष्य 42.1 ओवर में 1 विकेट पर हासिल कर लिया—यह हार NRR पर सीधा प्रहार करती है। ऐसे ग्रुप में जहां कई टीमें बराबरी की जीतों के आसपास रहती हैं, NRR निर्णायक बनता है।
नॉकआउट के सामान्य समीकरण
विजय हजारे ट्रॉफी में आमतौर पर ग्रुप टॉपर सीधे क्वालिफाई करता है और कुछ सर्वश्रेष्ठ दूसरे स्थान वाली टीमें भी NRR/पॉइंट्स के आधार पर आगे जाती हैं।
इस हिसाब से छत्तीसगढ़ के सामने दो रास्ते हैं:
1: सारे बचे मैच जीतें (सबसे सुरक्षित)
- छत्तीसगढ़ को अपने शेष सभी ग्रुप मुकाबले जीतने होंगे।
- जीत भी बड़े अंतर से चाहिए— पहले बल्लेबाजी हो तो 300+ स्कोर, चेज़ में हो तो 40–42 ओवर के भीतर लक्ष्य हासिल करना होगा।
- इससे NRR में पंजाब जैसी हार की भरपाई संभव होगी।
2: पॉइंट्स बराबर, NRR बेहतर
अगर ग्रुप में:
- 2–3 टीमें बराबर पॉइंट्स पर फिनिश करती हैं,तो छत्तीसगढ़ को:
- NRR में बाकी टीमों से आगे रहना होगा।
इसके लिए जरूरी:
- मिडिल ऑर्डर की स्थिरता (253 जैसे स्कोर बार-बार काफी नहीं होंगे)
- डेथ ओवर्स में गेंदबाजी सुधार (42 ओवर में मैच खत्म होना सबसे बड़ा नुकसान)
छत्तीसगढ़ को क्या बदलना होगा?
बल्लेबाजी में
- टॉप-3 में से कम से कम एक शतक या दो फिफ्टी हर मैच में जरूरी।
- 40–50 ओवर के बीच रन गति 7+ तक ले जानी होगी।
गेंदबाजी में
- नई गेंद से विकेट—पहले 10 ओवर में 2–3 विकेट अनिवार्य।
- मिडिल ओवर्स में डॉट बॉल प्रेशर, ताकि विपक्ष 6 के रन रेट पर न खेले।
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