छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 13 फीट लंबा किंग कोबरा मिला है। खेतों के किनारे फुफकार मारता 13 फीट लंबा किंग कोबरा दिखा, तो ग्रामीणों में ने स्नेक कैचर को सूचना दी। करीब डेढ़ घंटे चले रेस्क्यू के बाद स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने उसे सुरक्षित पकड़ा।
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स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी और उनकी टीम ने सांप को पकड़ने की कोशिश की, तो किंग कोबरा ने अटैक करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा।
किंग कोबरा यह वही प्रजाति है, जो घोंसला बनाती है और मादा अपने अंडों की रखवाली खुद करती है। वैज्ञानिक कहते हैं कि इसका जहर 20 इंसानों को खत्म कर सकता है, फिर भी यह इंसानों से दूर रहना पसंद करता है। पढ़िए इस रिपोर्ट में क्यों काटता है किंग कोबरा, कैसे बचें, सांप काटने पर क्या करें..?
रेस्क्यू की कुछ तस्वीरें आप भी देखिए…

स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने किंग कोबरा को रेस्क्यू किया।

किंग कोबरा ने फुफकार कर अपना आक्रामक रूप भी दिखाया।

डेढ़ घंटे चले रेस्क्यू के बाद किंग कोबरा स्नेक कैचर के काबू में आया।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 31 अक्टूबर को कोरबा जिले के पासरखेत गांव में ग्रामीणों ने अचानक किंग कोबरा सांप को देखा। ग्रामीणों ने फौरन वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी को सूचना दी। इसके बाद स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने कोरबा डीएफओ प्रेमलता यादव को पूरी जानकारी दी।
कोरबा डीएफओ प्रेमलता यादव के निर्देश पर स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने किंग कोबरा का रेस्क्यू शुरू किया। इस दौरान किंग कोबरा ने स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी की टीम पर कई बार अटैक करने की कोशिश की, लेकिन किंग कोबरा हर बार नाकाम रहा और काबू में आ गया।

कोबरा में थैले में भरकर जंगल में छोड़ा गया किंग कोबरा।
किंग कोबरा को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
DFO के निर्देश पर एसडीओ आशीष खेलवार और एसडीओ सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में जितेंद्र सारथी अपनी टीम (एम सूरज, सिद्धांत जैन, बबलू मारवा) के साथ किंग कोबरा को पकड़ा और एक थैले में डाल दिया।
सफल रेस्क्यू के बाद किंग कोबरा को जंगल में छोड़ा। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

कोरबा जिले में सबसे ज्यादा किंग कोबरा पाया जाता है।
कोरबा जिले में हमेशा निकलता है किंग कोबरा
4 दिन पहले छोटे सांप को निगल गया था किंग कोबरा
कोरबा जिले में 4 दिन पहले एक किंग कोबरा ने छोटे सांप को अपना शिकार बनाया था। सांप को निगलते हुए वीडियो भी सामने आया था। जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर कोरबा वनमंडल के ग्राम कोरकोमा में बालमुकुंद राठिया के खेत में ये नजारा देखने को मिला है।

किंग कोबरा ने किया छोटे सांप का शिकार।
28 अगस्त 2025 को मदनपुर गांव में निकला था किंग कोबरा
कोरबा जिले के मदनपुर गांव में 28 अगस्त 2025 को एक किंग कोबरा के दिखने से हड़कंप मच गया था। अजय कुमार सिंदर के घर में 15 फीट लंबा किंग कोबरा घुस गया। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम को सूचित किया।

मदनपुर गांव में निकला था 15 फीट लंबा किंग कोबरा।
21 जून 2025 को लेमरू में दिखा था किंग कोबरा
कोरबा जिले के लेमरू क्षेत्र में एक किसान के खेत में 11 फीट लंबा किंग कोबरा मिला था। किसान सीताराम खेत में काम कर रहा था। उन्होंने एक गड्ढे में हलचल देखी। पास जाकर देखा तो विशालकाय सांप था।

21 जून को निकला था किंग कोबरा।
खतरा महसूस होने पर किंग कोबरा करता है हमला
विशेषज्ञों के मुताबिक, किंग कोबरा दुनिया का सबसे लंबा विषधर सांप है, जिसकी लंबाई 20 फीट या इससे भी अधिक हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, किंग कोबरा बिना वजह मनुष्यों पर हमला नहीं करता।
यह केवल खतरा महसूस होने पर ही आक्रामक होता है। साथ ही 20 साल तक जीवत रहता है।

अब ग्राफिक्स के जरिए समझिए किंग कोबरा के बारे में










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कोरबा जिले में सांपों की गतिविधियों से जुड़ी दो अलग घटनाएं सामने आई हैं। पहली घटना में वन विभाग ने सपेरों से किंग कोबरा को मुक्त कराया। सपेरे इस सांप को लोगों को दिखाकर पैसे वसूल रहे थे। वन विभाग ने सांप को जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया। पढ़ें पूरी खबर…
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