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बलरामपुर रामानुजगंज में मुंबई की युवा पर्वतारोही ग्रिहिता विचारे ने छत्तीसगढ़ की सबसे ऊंची चोटी ‘गौरलाटा पीक’ पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है। उन्होंने इस अभियान के माध्यम से ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ का संदेश दिया है। महाराष्ट्र के मुंबई की निवासी ग्रिहिता के साथ उनके पिता सचिन विचारे भी इस अभियान में शामिल थे। ग्रिहिता ने कम उम्र में ही कई अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान पूरे किए हैं, जिनमें एवरेस्ट बेस कैंप, अफ्रीका की माउंट किलिमंजारो और मलेशिया की माउंट किनाबालु शामिल हैं। ग्रिहिता का आत्मीय स्वागत गौरलाटा अभियान के दौरान सरपंच संघ के अध्यक्ष संतोष इंजीनियर ने ग्रिहिता का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें मार्गदर्शन व सहयोग प्रदान किया। उन्होंने ग्रिहिता को भविष्य में माउंट एवरेस्ट फतह करने की शुभकामनाएं दीं। ऐसी प्रतिभाएं देश का गौरव:सरपंच संघ के अध्यक्ष इंजीनियर ने कहा, “ऐसी प्रतिभाएं देश का गौरव हैं। ये युवा पीढ़ी को साहस, अनुशासन और प्रकृति प्रेम की प्रेरणा देती हैं। ऐसे अभियान छत्तीसगढ़ के पर्वतीय क्षेत्रों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी सहायक होते हैं।” ग्रिहिता की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों और पर्वतारोहण प्रेमियों ने हर्ष व्यक्त किया है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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