छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। विपक्ष ने इसे लापरवाही बताते हुए सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने जांच के लिए कमेटी बनाई और सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने इस घटना को सुरक्षा नियमों की बार-बार अनदेखी का परिणाम बताया। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले वेदांता के कोरबा प्लांट में चिमनी निर्माण के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ था।
उस दुर्घटना में लगभग 40 श्रमिकों की मौत हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था में पर्याप्त सुधार नहीं किया है और वेदांता लिमिटेड के संयंत्रों में श्रमिकों की सुरक्षा पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं।
सख्त कार्रवाई की मांग
सांसद ने कहा कि बार-बार हादसों के बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने, जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिवारों को उचित मुआवजा दे प्रबंधन
ज्योत्सना महंत ने मांग की कि वेदांता प्रबंधन मृतक श्रमिकों के परिवारों को उचित मुआवजा दे। साथ ही परिवार के एक सदस्य को रोजगार और घायलों के समुचित इलाज की पूरी जिम्मेदारी भी कंपनी को उठानी चाहिए।
सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं
सांसद ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
हादसे में अब तक 17 मजदूरों की मौत
सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार (14 अप्रैल) दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया। हादसे में 17 मजदूरों की मौत हो गई। 4 की मौके पर ही जान गई थी, जबकि 5 की मौत रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, 6 की जिला अस्पताल रायगढ़ और 2 की रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान जान गई।
हादसे में कुल 36 लोग झुलसे हैं, 17 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। घटना के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने प्रबंधन पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। कुछ मजदूर लापता हैं। परिजनों का कहना है कि प्रबंधन कोई जानकारी नहीं दे रहा है।
सभी मृतकों की पहचान हो गई है। इनमें ज्यादातर मजदूर यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले हैं, कुछ छत्तीसगढ़ के भी है।

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सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया। हादसे में 16 मजदूरों की मौत हो गई।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे में अब तक 16 मौतें हो चुकी हैं। 4 की मौके पर ही जान गई, जबकि 5 की मौत रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, 5 की जिला अस्पताल रायगढ़ और 2 की रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया था। पढ़ें पूरी खबर…
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