छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वक्फ बोर्ड और हिंदू समाज के बीच जमीन विवाद ने सियासी और धार्मिक माहौल को गर्मा दिया है।
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वक्फ बोर्ड कार्यालय का घेराव करते हुए हिंदू संगठन के प्रदर्शनकारी।
मामला पुरानी बस्ती इलाके की जमीन का है, जिस पर वक्फ बोर्ड ने स्वामित्व का दावा किया है। इसके विरोध में मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य हिंदू संगठनों ने वक्फ बोर्ड कार्यालय का घेराव किया और कलेक्टोरेट चौक पर सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।

पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए प्रदर्शनकारी।
प्रदर्शनकारियों ने “काला कानून खत्म करो” और “हिंदू संपत्ति बचाओ” के नारे लगाए। विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष भगवती प्रसाद शर्मा ने कहा कि वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 85 हिंदू संपत्ति अधिकारों पर हमला है। उन्होंने कहा कि यह धारा वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित है, जिसके जरिए हिंदू समाज की संपत्तियों पर कब्जे का रास्ता खोला जा रहा है।
विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष शर्मा ने कहा कि यह “काला कानून” मुस्लिम तुष्टिकरण का उदाहरण है और न्याय की अवधारणा के खिलाफ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना जांच किए नोटिस जारी करना गैरकानूनी है। “एक ओर वे जमीन छीनने की कोशिश करते हैं और दूसरी ओर शांति की बात करते हैं, यह दोहरा रवैया स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

प्रदर्शन के दौरान हनुमान चालीसा पढ़ते हुए प्रदर्शनकारी।
पांच लोगों को बोर्ड ने जारी किया नोटिस
जानकारी के अनुसार, वक्फ बोर्ड ने अब तक पांच लोगों को नोटिस जारी किए हैं, जबकि करीब 10 से 20 भूखंडों पर उसका दावा है। इन भूखंडों पर हिंदू परिवार वर्षों से रह रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
पुरानी बस्ती के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने इस मामले में समय रहते दखल नहीं दिया, तो विवाद पूरे प्रदेश में फैल सकता है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वक्फ कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। वीएचपी ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर वक्फ अधिनियम की विवादित धाराओं को खत्म करने की मांग की।
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